मोदी 'मेहनती' और मेरे 'अच्छे दोस्त' हैं: करुणानिधि

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डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें 'मेहनती' और अपना 'अच्छा दोस्त' बताया है.

यह बात करुणानिधि ने तमिल अख़बार दिनामालार को दिए साक्षात्कार में कही है.

उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी का लगातार व्यस्त प्रचार कार्यक्रम में जुटे रहना साबित करता है कि वे 'मेहनती' हैं.

इससे पहले अन्ना द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया था. लेकिन उन्होंने बीजेपी से गठबंधन करने के बजाए तीसरे मोर्चे में शामिल होना बेहतर समझा.

नए दोस्त

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Image caption बिहार के नेता रामविलास पासवान ने भाजपा के साथ हाथ मिला लिया है.

बिहार के दलित नेता रामविलास पासवान और उत्तर प्रदेश के दलित नेता उदित राज पहले ही भाजपा से साथ हाथ मिला चुके हैं.

हालांकि डीएमके प्रमुख ने अखबार से बात करते हुए बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर कहा कि वो चुनाव बाद बनने वाले परिदृश्य पर कोई अटकलबाजी नहीं करेंगे.

जब उन्हें त्रिची में हाल ही में हुए प्रेस कांफ्रेस में दिए उनके बयान की याद दिलाई गई जिसमें उन्होंने सांप्रदायिक शक्तियों के साथ मिलाने को मना किया था तो उन्होंने कहा कि आप 'बीजेपी एक सांप्रदायिक पार्टी है' को इलबालिया बयान के रूप में पेश कर रहे हैं.

बीजेपी और पूर्व सहयोगी कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार करने के दो महीने बाद डीएमके प्रमुख की मौजूदा प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार डीएमके के आयोजन सचिव टीकेएस एलानगोवान ने करुणानिधि के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह करुणानिधि की निजी राय है.

एलानगोवान ने कहा, "यह उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है. हालांकि यह उनकी निजी राय है. हमारे नेता का सोनिया गांधी के प्रति सम्मान है और उनका हमारे नेता के प्रति है." उन्होंने यह कहते हुए इसके राजनीतिक महत्व को दरकिनार करने की कोशिश की.

डीएमके ने 2004 और 2009 का आम चुनाव तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था.

पहले किया इनकार

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Image caption डीएमके ने तमिलों पर हुए युद्ध अपराधों की वजह से यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

साल 2013 में पार्टी ने श्रीलंका के द्वारा तमिल समुदाय के लोगों पर किए गए कथित युद्ध अपराधों के मद्देनज़र कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

पिछले साल दिसंबर में करुणानिधि ने बीजेपी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया था.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में मोदी ने डीएमके की कड़ी आलोचना की थी. इस मामले में डीएमके की नेता कनिमोझी और ए राजा पर कई आरोप हैं.

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