आशुतोष और शाज़िया से पूछताछ ख़त्म

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भाजपा कार्यकर्ताओं से झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी की नेता शाज़िया इल्मी और आशुतोष को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है.

पुलिस थाने से बाहर आकर शाज़िया इल्मी ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने उनसे यह पूछा कि 'आप' कल भाजपा कार्यालय पर क्यों गए थे?

शाज़िया इल्मी के मुताबिक उन्होंने पुलिस से एफ़आईआर दर्ज करने की वजह पूछी.

उन्होंने कहा, "पुलिस वालों ने हमसे अच्छे से बातचीत की."

शाज़िया ने यह भी कहा कि अगर पुलिस पूछताछ के लिए फिर बुलाएगी तो वह इसमें सहयोग करेंगी.

आरोप-प्रत्यारोप

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच बुधवार को हुई झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस आशुतोष और शाज़िया इल्मी को पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर आई थी.

पुलिस के साथ जाने से पहले आशुतोष ने कहा, "पुलिस हमें पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर जा रही है और हम पूरी तरह से उनका सहयोग करेंगे. पुलिस अपना काम करे हम उसमें दखल नहीं देंगे."

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इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बुधवार को झड़प के मामले में 14 लोगों को गिरफ़्तार किया था. दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में अब सभी 14 'आप' समर्थकों को ज़मानत दे दी है.

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने बीबीसी को बताया था, “इस मामले में गिरफ़्तार 14 लोगों पर दंगा करने, पथराव, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस के आदेश का उल्लंघन करने और पुलिस को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की गई है.”

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ज़िला चुनाव अधिकारी ने आम आदमी पार्टी को कल भाजपा समर्थकों के साथ हुई झड़प के मामले पर नोटिस जारी किया है.

इस बीच 'आप' और भाजपा के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है.

'आप' के नेता आशुतोष ने गुरुवार सुबह बीबीसी से बातचीत में आशुतोष ने कहा, "अभी तक पुलिस ने भाजपा के किसी कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है? ये दर्शाता है कि दिल्ली पुलिस मोदी से निर्देश ले रही है. इस मामले में दिल्ली पुलिस का रवैया निहायत ही ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है."

उन्होंने आगे कहा, "हिंसा का काम भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नलिन कोहली के नेतृत्व में किया है."

आशुतोष का कहना था कि बुधवार रात को 'आप' के 33 कार्यकर्ताओं को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में हिरासत में लिया गया था जिसमें से देर रात 16 महिलाओं और कुछ बच्चों को छोड़ दिया गया.

उन्होंने कहा, "महिलाओं और कुछ बच्चों समेत हमारे 16 कार्यकर्ताओं को रात में छोड़ दिया गया लेकिन हमारे 17 कार्यकर्ता अब भी वहां हैं. इसका मतलब साफ़ है कि उन्हें गिरफ़्तार किया गया है और दिल्ली पुलिस हमें एफ़आईआर की कॉपी नहीं दे रही है."

अराजक सोच

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वहीं भाजपा के नलिन कोहली ने कहा, "'आप' के कार्यकर्ताओं, जिनमें आशुतोष भी शामिल थे, ने अराजकता का प्रमाण दिया है."

उन्होंने कहा, "ये पूर्व नियोजित अराजकता थी. तुरंत एसएमएस भेजे गए और एक साथ ही अलग-अलग स्थानों पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि केरल में इनके कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों के बाहर पहुंचे. इसका ये मतलब है कि ये माओवादी और अराजक सोच है."

मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक़ 'आप' के नेताओं आशुतोष और शाज़िया इल्मी के नाम एफ़आईआर में हैं.

हालांकि आशुतोष ने बीबीसी को बताया कि उन्हें इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में मीडिया से जानकारी मिली है.

उधर मीडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "हमने एफ़आईआर दर्ज की है, 14 लोगों को गिरफ़्तार किया हैं जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा."

एफ़आईआर में दर्ज नामों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, "नाम 'आप'को सब मालूम हैं, आशुतोष भी उसमें हैं. सारे नेता जो वहां थे उन सबके नाम हैं और सबके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."

उधर 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के ग़लत काम के लिए माफ़ी मांगी है.

गुजरात के दौरे के दूसरे दिन दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, “कल मुझे पता चला कि हमारे एक-आध कार्यकर्ता शायद ऐसे हैं जिन्होंने बदले की कार्रवाई में हिंसा की."

उन्होंने कहा, "मैंने कल भी इसके लिए माफ़ी मांगी थी कि हमारा कोई भी कार्यकर्ता अगर कोई ग़लत काम करता है तो उसके लिए मैं माफ़ी मांगता हूं. मैं अपने कार्यकर्ताओं से कहता हूं कि हमें किसी भी हालत में हाथ नहीं उठाना है.”

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