शेयर बाजार नई बुलंदी पर

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आम चुनावों से पहले तेजी के दौर को कायम रखते हुए बैंकिंग शेयरों में हुई भारी खरीदारी और रुपये में आई मजबूती के चलते बीएसई का सेंसेक्स सूचकांक गुरुवार को अपनी रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गया.

सरकार के चालू खाता घाटे में कमी आने से भी शेयर बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला.

गुरुवार को बाज़ार तेजी के साथ खुला और पूरे दिन कारोबार के दौरान इसमें तेज़ी का रुख बरकरार रहा.

कारोबार के आखिरी घंटों के दौरान शेयर बाजार में जोरदार उछाल आया और 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स सूचकांक 21,525 अंकों पर जा पहुंचा, जो एक रिकार्ड है. सेंसेक्स एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 21,513.87 के स्तर पर बंद हुआ.

इस दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक 72.50 अंकों की ऊंचाई के साथ 6,401 के स्तर पर बंद हुआ.

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रुपये की तेजी

इस दौरान निर्यात पर आधारित शेयरों को छोड़कर सभी शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई.

इस तेजी की अगुवाई करने वाले शेयरों में हिंडाल्को, आईसीआईसीआई, ओएनजीसी और भेल शामिल थे.

करेंसी बाजार में रुपये की चाल भी काफी तेज़ रही और दोपहर के कारोबार के दौरान रुपया करीब तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा.

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चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान चालू घाटे में भारी गिरावट के बाद बाजार में डॉलर की बिकवाली देखने को मिली. दोपहर के कारोबार के दौरान रुपया 61.33 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि मंगलवार को रुपया 61.76 प्रति डालर के स्तर पर बंद हुआ था.

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निर्यात में आई तेजी और सोने के आयात में हुई गिरावट से रुपये को अतिरिक्त समर्थन मिला.

रुपये में आई मजबूती का ही असर था कि निर्यात पर आधारित आईटी और फार्मा शेयरों को काफी पिटाई हुई. इस दौरान विप्रो, टीसीएस, सन फार्मा और सिप्ला गिरावट के साथ बंद हुए.

कारोबारियों का मानना है कि चुनाव से पहले तेजी का ये दौर बरकरार रह सकता है और इस दौरान निफ्टी में 6,500 से 6,700 तक का स्तर देखने को मिल सकता है. भारतीय बाजारों को लेकर एफआईआई का रुख लगातार सकारात्मक बना हुआ है.

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