नौसेना कमांडर की मौत में जांच के आदेश

मुंबई डॉकयार्ड इमेज कॉपीरइट Reuters

रक्षा मंत्रालय ने मुंबई बंदरगाह पर हुए हादसे में नौसेना के अधिकारी की मौत में जांच के हुक्म दे दिए हैं.

एक प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि भारतीय नौसेना ने दुर्घटना में जांच की लिए एक समीति का गठन किया है. जांच में मंत्रालय के रक्षा सामग्री उत्पादन विभाग भी शामिल होगा.

प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़ विभाग ने मज़गांव डॉक लिमिटेड से दुर्घटना के संबंघ में एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है.

मुंबई बंदरगाह पर हुए एक हादसे के बाद कई नाविकों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इस हादसे में कमांडर कुंतल वाधवा की मौत हो गई.

भारतीय नौसेना के की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, "एमडीएल द्वारा निर्मित किए जा रहे यार्ड 701 में मशीन परिक्षणों के दौरान कार्बन डाई ऑक्साइड गैस यूनिट में ख़राबी के कारण हुए जहरीली गैस के रिसाव के बाद नौसेना के एक अधिकारी और एमडीएल के कई कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है."

एमडीएल के प्रवक्ता ने बताया,"तीन लोग गैस रिसाव से प्रभावित हुए हैं, दुर्भाग्यवश एक की मौत हो गई है और दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है."

कई हादसे

हादसे का शिकार हुआ जहाज डेस्ट्रॉयर श्रेणी का है. जहाज को परीक्षणों के लिए मुंबई लाया गया था.

यॉर्ड 701 भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद आईएनएस कोलकाता के नाम से जाना जाएगा.

फ़रवरी में मुंबई बंदरगाह के नज़दीक भारतीय नौसेना की पनडुब्बी आईएनएस सिंधुरत्न हादसे का शिकार हो गई थी जिसमें दो अधिकारियों की मौत हो गई थी.

पिछले साल अगस्त में भारतीय नौसेना की पनडुब्बी सिंदुरक्षक भी मुंबई तट के नज़दीक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें 18 नौसैनिक मारे गए थे.

भारतीय नौसेना अध्यक्ष डीके जोशी ने सिंधुरत्न हादसे के बाद हादसों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था.

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