एनएसईएल घोटाला: 15 ठिकानों पर सीबीआई का छापे

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) के मुंबई स्थित कार्यालय सहित उसके 15 ठिकानों पर छापे मारे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एनएसईएल घोटाले के सिलसिले में मुंबई के अलावा करनाल और दिल्ली में भी सीबीआई ने छापे मारे हैं.

इन ठिकानों में चार मुंबई के, दो करनाल के और नौ दिल्ली के हैं.

इस घोटाले को भारतीय वित्तीय बाजार का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है और इसके तहत करीब 13,000 निवेशकों के 5400 करोड़ रुपये बकाया हैं.

इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है और वो एनएसईएल के बड़े अधिकारियों से पूछताछ कर रही है.

सरकारी कंपनियों को घाटा

पीटीआई के मुताबिक सीबीआई सरकारी कंपनी पीईसी की उन कथित गड़बड़ियों की भी जांच कर रही है, जिसके कारण उसे करीब 120 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.

सीबीआई से पीईसी के साथ धोखाधड़ी के लिए कथित रूप से आपराधिक षडयंत्र के आरोप में एक मामला दर्ज किया था. इसी सिलसिले में ये छापे मारे गए हैं.

ये धोखाधड़ी एनएसईएल के प्लेटफार्म पर कृषि जिंसों को व्यापार के दौरान की गई.

Image caption सीबीआई का आरोप है कि एनएसईएल में गड़बड़ी के चलते सरकारी कंपनी पीईसी को लगभग 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.

सीबीआई का आरोप है कि इसके चलते सरकारी कंपनी पीईसी को लगभग 120 करोड़ रुपये का घाटा हुआ.

जिन ठिकानों पर छापे मारे गए हैं उनमें पांच पीईसी अधिकारियों और दो एनएसईएल अधिकारियों के निवास शामिल हैं.

निगरानी की कमी

संकटग्रस्त नेशनल स्पॉट एक्सचेंज पर सरकारी ट्रेडिंग कंपनियों एमएमटीसी और पीईसी का करीब 343 करोड़ रुपया बकाया है.

एनएसईएल के प्रमोटर जिग्नेश शाह की संपत्ति को पुलिस पहले ही कुर्क कर चुकी है.

जिग्नेश शाह की अगुवाई वाली फाइनेंशियल टेक्नॉलॉजी पर भी इस संकट का असर पड़ा है. गुरुवार को सीबीआई छापों की खबर के बाद फाइनेंशियल टेक्नॉलॉजी के शेयरों में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई.

इससे पहले केंद्रीय खाद्य मंत्री केवी थॉमस कह चुके हैं कि गोदामों की सही तरीके से निगरानी नहीं होने के कारण एनएसईएल घोटाला हुआ.

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