बिहारः अग़वा मज़दूरों का 48 घंटे बाद भी सुराग़ नहीं

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बिहार के जमुई ज़िले से बीते गुरुवार की रात अग़वा किए गए सात बालू मजदूरों का अब तक कोई सुराग़ नहीं मिल पाया है. 13 मार्च की रात लगभग दस बजे इन मज़दूरों का अपहरण कथित रुप से नक्सलियों ने किया था.

कहा जा रहा है कि बालू ठेकेदारों ने नक्सलियों को लेवी नहीं दी जिसकी वजह से नक्सलियों ने इन मज़दूरों का अपहरण कर लिया. अग़वा मज़दूरों की तलाश जारी है.

घटना राजधानी पटना से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित जमुई ज़िले के सदर प्रखंड स्थित नबीनगर की है. इन मज़दूरों का अपहरण तब हुआ जब वे किऊल नदी के किनारे घटनास्थल पर बालू की ढुलाई कर रहे थे.

घटनास्थल, नक्सलवाद प्रभावित ज़िलों जमुई और लखीसराय की सीमा पर स्थित है. स्थानीय पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों के सहयोग से मजदूरों की सुरक्षित रिहाई के लिए खोज अभियान चला रही है.

इस बारे में जानकारी देते हुए जमुई के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने बताया कि लखीसराय की पहाड़ियों में इन मज़दूरों की तलाश जारी है. अग़वा मज़दूरों में से एक नबीनगर गांव का और बाक़ी अन्य क्षेत्रों के हैं.

जमुई पुलिस अधीक्षक के मुताबिक़, शनिवार रात तक न तो किसी की रिहाई ही संभव हो पाई थी और न ही कि घटना के सिलसिले में किसी को गिरफ्तार ही किया गया था.

दो लोगों को छोड़ा

घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय पत्रकार पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नक्सलियों ने नौ लोगों का अपहरण किया था. लेकिन उन्होंने एक वृद्ध व्यक्ति और एक ट्रक ड्राइवर को रास्ते में ही छोड़ दिया था.

पंकज ने यह भी जानकारी दी कि नक्सलियों ने बालू ढुलाई में इस्तेमाल होने वाली दो पोपलेन मशीनों में आग लगाई थी. उन्होंने घटनास्थल पर चार पोस्टर भी छोड़े थे जिनमें कुछ बालू ठेकेदारों के नाम हैं और ग्रामीणों को बालू ढ़ुलाई नहीं करने की चेतावनी दी गई है.

इस साल जनवरी में भी जमुई ज़िले में एक निर्माण-स्थल पर काम कर रहे आठ मज़दूरों का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था जिन्हें बाद में सुरक्षित छोड़ दिया गया था.

रोचक लोकसभा क्षेत्र

जमुई ज़िला नक्सली गतिविधियों के साथ-साथ आगामी आम चुनावों के कारण भी हाल के दिनों में चर्चा में रहा है.

बिहार में भारतीय जनता पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के बीच चुनावी तालमेल के बाद यह सीट लोजपा के खाते में गई है.

लोजपा ने अपने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान को उम्मीदवार बनाया है.

वहीं दूसरी ओर सत्तारुढ़ जनता दल यूनाइटेड ने वर्तमान सांसद भूदेव चैधरी की जगह बिहार विधान सभा के अध्यक्ष उदय नारायण चैधरी को मैदान में उतारा है.

ऐसे में अब इस लोक सभा क्षेत्र का चुनाव बहुत ही रोचक हो गया है. यहां दस अप्रैल को वोट डाले जाएंगे.

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