भड़काऊ भाषण: इमरान मसूद 14 दिनों की हिरासत में

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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार यूपी के सहारनपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेसी उम्मीदवार इमरान मसूद को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

शनिवार की दोपहर उन्हें देवबंद की स्थानीय अदालत में पेश किया गया. देवबंद थाने में उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामले में बहुत ही गंभीर धाराएं लगाईं गईं हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पुलिस ने उन्हें शनिवार तड़के गिरफ़्तार किया गया था.

कांग्रेस ने मसूद की इस टिप्पणी से ख़ुद को अलग रखा है और यह कहा है कि वह भाषाई या किसी भी तरह की हिंसा को अस्वीकार करती है.

हालांकि मसूद के बचाव में कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, "उनका बयान चुनाव से जुड़ा नहीं था. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक़ उनका यह बयान छह महीने पुराना है. उस वीडियो में उनके पास खड़े व्यक्ति की मौत हो चुकी है. यह एक क़ानूनी मामला है. इसमें कितनी हक़ीक़त है इस पर पार्टी अलाकमान विचार करेगी जिससे यह तय होगा कि भविष्य में क्या कार्रवाई की जाएगी."

भारतीय जनता पार्टी ने इस भाषण की आलोचना करते हुए इसे विद्रोहजनक बताया और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस मामले में दख़ल देने की मांग की.

भाजपा ने निर्वाचन आयोग से आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में मसूद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की है और उन्होंने इस संस्था से मोदी सहित अपनी पार्टी के सभी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है.

भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "मसूद की भाषा साफ़तौर पर हिंसा को बढ़ावा देने वाली है. हम उम्मीद करते हैं कि निर्वाचन आयोग इस पर प्रभावी क़दम उठाएगा."

वहीं भाजपा के उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी ने यह आरोप लगाया है कि राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता 'तालिबानी धर्मनिरपेक्षता' में बदल रही है. नक़वी ने कहा कि कांग्रेस के नेता जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं उससे चुनाव का माहौल दूषित हो रहा है.

राहुल की रैली

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार शाम को सहारनपुर में रैली करने वाले थे लेकिन अब जो ख़बरें आ रही हैं उनके अनुसार राहुल गांधी का सहारनपुर का कार्यक्रम रद्द हो गया है.

शुक्रवार को एक वीडियो मीडिया के सामने आया था जिसमें कथित तौर पर इमरान मसूद मोदी के ख़िलाफ़ भड़काऊ भाषण देते हुए देखे गए थे. वीडियो के सामने आने के बाद ही उनके ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली गई थी.

उस कथित वीडियो में इमरान मसूद, मोदी को जान से मारने की धमकी देते हुए देखे गए हैं.

इमरान मसूद कह रहे थे, "मैं सड़क का आदमी हूं, अपने लोगों के लिए जान भी दे सकता हूं... न मैं मरने से डरता हूं, न मारने से... वह (नरेंद्र मोदी) समझते हैं यह गुजरात है... गुजरात में सिर्फ़ चार प्रतिशत आबादी मुस्लिमों की है, जबकि यहां 42 प्रतिशत मुसलमान हैं..."

इस वीडियो के सामने आने के बाद इसकी चौतरफ़ा आलोचना हुई थी. ग़ाज़ियाबाद से कांग्रेसी उम्मीदवार राज बब्बर ने भी इसकी निंदा की थी.

हालांकि इमरान मसूद ने भी इस बयान के लिए माफ़ी मांग ली थी. उन्होंने कहा था, ''मैं मानता हूं, मैंने ग़लती की है और चुनाव के दौरान ऐसी बातें नहीं कही जानी चाहिए.''

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