शेयर बाज़ार में उछाल का मोदी से ताल्लुक नहीं: चिदंबरम

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वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नरेंद्र मोदी ब्रांड के पूंजीवाद को "सांठगांठ का पूंजीवाद" करार दिया है. साथ ही उन्होंने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के अर्थव्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोपों को 'बचकाना' कहते हुए ख़ारिज कर दिया.

कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब 20 महीने पहले की स्थिति के मुकाबले काफ़ी स्थिर और मज़बूत है, विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ रहा है और राजकोषीय और चालू व्यापार खाते का घाटा नियंत्रण में है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वित्त मंत्री ने कहा, "आज कोई भी वित्तीय घाटे में आई कमी के बारे में बात नहीं कर रहा है."

वित्त मंत्री ने कहा, "हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 300 अरब अमरीकी डॉलर से ज़्यादा हो चुका है और सोमवार शाम तक इसमें 25 अरब अमरीकी डॉलर और बढ़ने का अनुमान है. चालू खाते का घाटा भी अनुमानित 60 अरब अमरीकी डॉलर से काफ़ी कम, करीब 35 अरब अमरीकी डॉलर रहने की उम्मीद है."

यशवंत सिन्हा के पूछे 18 सवालों पर चिदंबरम ने कहा, "उनमें से बहुत से तो एकदम बचकाना हैं... सिन्हा आज एक पुरानी याद बन चुके हैं और भारत के लोगों के भले के लिए मैं उम्मीद करता हूं कि वह वही बने रहेंगे- एक पुरानी याद."

"सांठगांठ का पूंजीवाद"

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Image caption यशवंत सिन्हा ने चिदंबरम को देश की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने वाला बताया है.

रविवार को यशवंत सिन्हा ने कहा था कि चिदंबरम ने "देश की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है" और उन्हें सबसे बड़े "विध्वंसक" के रूप में याद किया जाएगा.

शेयर बाजार में उछाल पर चिदंबरम ने कहा यह यूपीए सरकार की नीति का परिणाम है और इसे भारतीय जनता पार्टी के आम चुनाव में संभावित जीत के परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप के जवाब में कहा, "चिदंबरम सफेद झूठ बोल रहे हैं. यूपीए सरकार और चिदंबरम सांठगांठ के पूंजीवाद के सबसे बड़े सरपरस्त हैं."

उन्होंने यह भी कहा है कि चिदंबरम का चुनाव नहीं लड़ना इस बात की पहली खुली स्वीकारोक्ति है कि कांग्रेस में लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं बची है.

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