लोगों की समस्याएं जानना रॉकेट साइंस नहीं: जावेद जाफ़री

  • 1 अप्रैल 2014
अभिनेता जावेद जाफरी

उत्तर प्रदेश की लखनऊ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जावेद जाफ़री ने कहा है कि वो क्षेत्र की ज़मीनी समस्याओं से परिचित नहीं हैं लेकिन लोगों की परेशानियों के बारे में जानना कोई रॉकेट साइंस नहीं है.

फ़िल्मों से राजनीति में आए जाफ़री ने कहा कि इसके लिए बस नीयत सही होनी चाहिए.

कई फ़िल्मों में काम कर चुके जाफ़री लोकप्रिय टीवी शो बूगी-वूगी के जज भी हैं. वो लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी को चुनौती देंगे.

लखनऊ सीट पिछले कई वर्षों से भाजपा के पास है और यहां से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी सांसद रह चुके हैं.

सुनिए जावेद जाफ़री से बातचीत

आप से जुड़ाव

जाफ़री ने बीबीसी को बताया, "जब मैंने इस पार्टी (आम आदमी पार्टी) को आगे आते हुए देखा तो मुझे इसमें कुछ सच्चाई लगी."

उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने जिस तरह आरटीआई कानून के लिए लड़ाई लड़ी और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जिस तरह आन्दोलन खड़ा किया गया तो मुझे लगा कि इसमें हिस्सा लिया जाए."

हालांकि, उन्होंने शुरुआत में यह नहीं सोचा था कि पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ना है और वह ख़ुद को चुनाव प्रचार तक सीमित रखना चाहते थे.

जावेद जाफ़री के मुताबिक़ अरविंद केजरीवाल ने उनसे चुनाव लड़ने की पेशकश की.

लखनऊ के बारे में जाफ़री ने कहा, "लखनऊ की तहजीब और जबान से मैं वाक़िफ़ हूं. यहां के लोगों से मैं वाक़िफ़ हूं. हां, यहां की समस्याएं अभी मैं नहीं जानता हूं, जो पार्टी जानती है."

उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के बारे में जानना कोई रॉकेट साइंस नहीं है.

जाफ़री ने कहा, "इसके लिए मुझे वहां जाना होगा, लोगों से बात करनी होगी, उनका प्रतिनिधित्व करना होगा."

उन्होंने कहा, "राजनाथ सिंह बहुत ही वरिष्ठ नेता हैं और रीता जी के बारे में भी मैंने पूरा होमवर्क कर लिया है. मैं उनके काम का सम्मान करता हूं. लेकिन इससे घबराकर अगर मैं चुप बैठ गया तो कोई आगे ही नहीं आएगा."

परिवार का साथ

जावेद जाफरी ने बताया कि चुनाव लड़ने के फैसले पर उनके पिता की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक थी. वो कहते हैं, "मैंने ऐसी उम्मीद नहीं की थी. मैंने सोचा था कि वो कहेंगे कि कहां जा रहे हो. अपना काम करो. लेकिन उनका रुख इतना सकारात्मक था कि मैं खुद आश्चर्यचकित रह गया."

हालांकि उनकी मां थोड़ा चिंतित थीं. उन्हें लग रहा था कि "राजनीति कभी कभी गंदी हो जाती है. लेकिन बाद में वो भी समझ गईं. बाकी पत्नी का भी पूरा समर्थन रहा." जावेद के पिता जगदीप मशहूर हास्य अभिनेता हैं.

अपनी फिल्मी पृष्ठभूमि के बारे में उन्होंने कहा, "इससे पहले के चुनावों में भी मुझे (चुनाव लड़ने) की पेशकश की गई थी, लेकिन मुझे सही नहीं लगा. इस बार मुझे लगा कि मुझे सच्चाई के साथ रहना है."

उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता देश की जड़ों को कुरेदकर इसे खोखला कर रहे हैं और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ रही है.

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