सैमसंग के अध्यक्ष को अदालत में पेश होने का आदेश

  • 2 अप्रैल 2014
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी सैमसंग के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के अध्यक्ष ली कुन-ही को ग़ाज़ियाबाद की एक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक न्यायमूर्ति सीके प्रसाद और पीसी घोष की खंडपीठ ने हालांकि 72 वर्षीय ली के ख़िलाफ़ जारी गिरफ़्तारी वारंट पर छह सप्ताह तक अमल नहीं करने का आदेश दिया. ली कुन-ही के अदालत में पेश न होने के कारण उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था.

भारतीय कंपनी जेसीई कंसल्टेंसी ने ली के खिलाफ ग़ाज़ियाबाद की एक अदालत में 14 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है.

पीटीआई के मुताबिक अदालत ने कहा, "हालांकि याचिकाकर्ता (ली) के खिलाफ जारी गिरफ़्तारी वारंट को 31 मार्च से छह सप्ताह तक अमल में नहीं लाया जाएगा."

खंडपीठ ने कहा, "इस बीच याचिकाकर्ता को निचली अदालत में मामले की सुनवाई के लिए हाज़िर होना होगा और जमानत या कानून के मुताबिक सुनवाई में हाज़िर होने से छूट के लिए अर्ज़ी लगानी होगी."

धोखाधड़ी का आरोप

अदालत ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वह निचली अदालत में लंबित इस मामले के बारे में अपनी कोई राय नहीं दे रही है.

खंडपीठ ने यह आदेश सोमवार को ली की अपील पर सुनवाई के दौरान दिए.

ली ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनके खिलाफ जारी गिरफ़्तारी वारंट को रद्द करने की अपील को ख़ारिज कर दिया गया था.

ली अपने खिलाफ दायर एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन दोनों ही जगह उनकी याचिका को रद्द कर दिया गया.

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