'मोदी का पोस्टर फाड़ने' के मामले में मिस्त्री को ज़मानत

  • 3 अप्रैल 2014
मधुसूदन मिस्त्री इमेज कॉपीरइट Chandrashekhar Yadati

गुजरात के वडोदरा में सरकारी संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने और उपद्रव की कोशिश के आरोप में गिरफ़्तार कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार मधुसूदन मिस्त्री को जमानत मिल गई है. मिस्त्री समेत कुल 34 लोगों को जमानत मिली है.

स्थानीय पत्रकार चिरंतना भट्ट ने बताया कि मधुसूदन मिस्त्री, नरेंद्र रावत समेत कुल 34 लोगों को अदालत ने सशर्त जमानत दी है.

मिस्त्री और उनके समर्थकों पर मोदी का पोस्टर फाड़ कर कांग्रेस उम्मीदवार का पोस्टर चिपकाने का आरोप है.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी वडोदरा से लोकसभा से चुनाव लड़ रहे हैं. पुलिस ने पहले उन्हें और उनके समर्थकों को हिरासत में रखा था.

वडोदरा के डीसीपी दिपांकर त्रिवेदी ने बताया, "कांग्रेस उम्मीदवार मधुसूदन मिस्त्री और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उस वक़्त हिरासत में लिया गया था, जब वो रोड के डिवाइडर पर लगे एक बिजली के खंभे पर बीजेपी उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के पोस्टर के ऊपर कांग्रेस का पोस्टर चिपकाने की कोशिश कर रहे थे."

मधुसूदन मिस्त्री ने बीबीसी से कहा, "पूरे शहर में एक ही पार्टी के उम्मीदवार के पोस्टर लगे हुए हैं. हमने पोस्टर लगाने के लिए जगह की मांग की तो, न ही एजेंसी ने हमें सकारात्मक जवाब दिया और न ही पुलिस कमिश्नर ने."

उन्होंने कहा, "जब कोई चारा नहीं दिखा तो हमने ये किया. हमें इसमें कुछ ग़लत नहीं लग रहा क्योंकि हमने अपना हक़ मांगा हैं."

मिस्त्री से पहले नरेंद्र रावत वडोदरा लोकसभा सीट से नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित थे. उन्होंने बाद में अपना नाम वापस ले लिया था.

पोस्टर पर पोस्टर

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डीसीपी त्रिवेदी के कहा, "मिस्त्री या किसी अन्य कांग्रेस नेताओं के पास यहां कार्यक्रम करने की इजाज़त नहीं थी. "

एक कांग्रेस कार्यकर्ता का कहना है कि मधुसूदन मिस्त्री रोड के डिवाइडर पर लगे एक खंभे पर चढ़कर नरेंद्र मोदी के पोस्टर के उपर अपना पोस्टर चिपकाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया.

बातचीत में उन्होंने कहा, " एक लैम्प पोस्ट पर अगर बीजेपी के उम्मीदवार के पोस्टर हैं तो दूसरे लैम्प पोस्ट पर अन्य उम्मीदवार के पोस्टर होने चाहिए. निर्वाचन आयुक्त ने भी इस बारे में संबंधित अधिकारियों को चिट्ठी लिख कर कहा था कि कांग्रेस के उम्मीदवार को भी पोस्टर लगाने के लिए जगह मिलनी चाहिए. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. जो लोग इसे तमाशा मान रहे हैं तो उनके लिए मैं कहूँगा कि वो बीजेपी के तरफ झुके हुए हैं."

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास आने वाले पुलिसवाले से उन्होंने पहचान बताने को कहा, लेकिन उसने पहचान पत्र दिखाने से इनकार कर दिया.

कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने से पहले पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. झड़प में उनके मंगलसूत्र चोरी हो गए और चूड़ियां टूट गई.

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