ये विचारधारा की लड़ाई है, चाय पार्टी नहीं: प्रियंका गांधी

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने अपने सुल्तानपुर से भाजपा प्रत्याशी अपने चचेरे भाई वरुण गांधी पर मंगलवार को तीखे ज़ुबानी हमले किए.

अपने भाई और मां की चुनावी तैयारियों की देखरेख के लिए इन दिनों अमेठी में दौरा कर रही प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव विचारधारा की लड़ाई है, कोई पारिवारिक चाय पार्टी नहीं.

उन्होंने यहां तक कह दिया कि वरुण गांधी ने जो किया है वो परिवार के साथ विश्वासघात है.

वहीं वरुण गांधी ने कहा है कि प्रियंका ने इस तरह का बयान देकर लक्ष्मण रेखा पार की है.

वरुण गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए मंगलवार को सुल्तानपुर से अपना नामांकन किया है.

अमेठी में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ''ये कोई पारिवारिक चाय पार्टी नहीं है. ये एक विचारधारा की लड़ाई है. अगर मेरे बच्चे ने ऐसा किया होता तो मैं उसे कभी माफ़ नहीं करती.''

'रास्ता भटक गए हैं'

कुछ दिनों पहले प्रियंका गांधी का एक वीडियो मीडिया में आया था जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी कह रहीं थीं कि 'वरुण गांधी उनके परिवार के हिस्सा हैं, उनके भाई हैं, लेकिन वो रास्ता भटक गए हैं.'

वीडियो में प्रियंका कह रहीं थीं कि पार्टी के बुज़ुर्गों की ज़िम्मेदारी है कि वो वरुण को सही रास्ता दिखाएं. इसका मीडिया में ये अर्थ लगाया गया था कि वो अपने समर्थकों से अपील कर रहीं थीं कि वो वरुण गांधी को चुनाव में हराकर सही रास्ते पर ले आएं.

प्रियंका के इस वीडियो के बाहर आने के बाद वरुण गांधी की मां और भाजपा नेता मेनका गांधी ने कहा कि देश फ़ैसला करेगा कि कौन रास्ता भटक गया है.

वरूण गांधी ने मंगलवार को नामांकन पत्र भरने के बाद प्रियंका गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह का बयान देकर लक्ष्मण रेखा पार की है.

'लक्ष्मण रेखा'

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वरुण गांधी ने कहा, ''पिछले 10 दस सालों में चाहे मेरे परिवार का कोई सदस्य हो या मेरे पार्टी का कोई वरिष्ठ नेता, मैंने अपने भाषणों में कभी भी शालीनता की लक्ष्मण रेखा नहीं पार की है. मेरे रास्ते से भटकने की बात कही गई है. मैंने देश के रास्ते को हमेशा अपने रास्ते से ज़्यादा अहमियत दी है. अगर मैं अपने जीवन में राष्ट्र-निर्माण में कोई योगदान दे सका को तो समझूंगा कि मेरा जीवन सार्थक रहा.''

वरुण ने कहा, व्यक्तिगत आरोप लगाने की बजाय हमें बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, ग़रीबी और अशिक्षा पर बहस करनी चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''हमें बहस के स्तर को गिराने की बजाय उसे उठाना चाहिए. जब हम व्यक्तिगत आलोचना केंद्रित राजनीति करते हैं तो हम अपने समय के महत्वपूर्ण मुद्दों से भटक जाते हैं.''

वरुण गांधी ने कुछ दिनों पहले राहुल गांधी के अमेठी में किए गए कामों की कथित तौर पर प्रशंसा की थी.

उनके बयान से राजनीतिक हलक़ों में काफ़ी हलचल मच गई थी. बाद में वरुण को बयान देकर कहना पड़ा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष की तारीफ़ नहीं की थी.

वरुण गांधी अमेठी से करीब स्थित लोकसभा सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. सुल्तानपुर से भाजपा कई बार चुनाव जीत चुकी है लेकिन पिछले तीन बार से वहां से ग़ैर-भाजपा दलों का क़ब्ज़ा है. कांग्रेस के संजय सिंह वहां से मौजूदा सांसद हैं, इस बार उनकी पत्नी अमिता सिंह कांग्रेस प्रत्याशी हैं.

इससे पहले 1999 और 2004 में यहां से बहुजन समाज पार्टी ने चुनाव जीता था.

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