पांचवां चरण: शिंदे, येदियुरप्पा और शत्रुघ्न सिन्हा के भाग्य का फ़ैसला

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाता

16वीं लोकसभा के लिए हो रहे आम चुनावों में गुरुवार को पांचवें चरण का मतदान शुरू हो चुका है.

सीटों की संख्या के लिहाज से पांचवां चरण सबसे अहम है क्योंकि गुरुवार को लोकसभा की सर्वाधिक 121 सीटों के लिए वोट पड़ेंगे और इसके साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए लोग मतदान करेंगे. गुरुवार को ओडिशा विधानसभा की 77 और पश्चिम बंगाल की दो सीटों के लिए भी मतदान होना है.

नौ चरणों वाले इस लोकसभा के पांचवें चरण में 1769 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ प्रमुख उम्मीदवारों की फेहरिस्त में कांग्रेस के नंदन निलकेणी, पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेकुलर के नेता एच डी देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली और श्रीकांत जेना जैसे बड़े नाम हैं.

गुरुवार को ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी मीसा भारती और कृषि मंत्री शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले की किस्मत का भी फ़ैसला भी ईवीएम में दर्ज हो जाएगा. पांचवें चरण के मतदान में 16.61 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

पांचवें चरण में लोकसभा की जिन 121 सीटों के लिए मतदान होना है, उनमें 36 सीटें कांग्रेस के पास हैं जबकि उसकी प्रमुख प्रतिद्वंदी भाजपा के क़ब्ज़े में 40 सीटें हैं.

बिहार की सात सीटें

पटना में मौजूद बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी के मुताबिक़ बिहार में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 17 अप्रैल को सात क्षेत्रों में मतदान होगा. ये क्षेत्र हैं- पाटलिपुत्र, पटना साहिब, जहानाबाद, आरा, नालंदा, बक्सर और मुंगेर. इन क्षेत्रों में 42 हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

कुछ इलाक़ों में पहले नक्सल प्रभाव रहा है, इसलिए चुनाव आयोग सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता. इन क्षेत्रों में 11 हज़ार से ज़्यादा पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहाँ एक करोड़ से ज़्यादा लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इन सात लोकसभा क्षेत्रों में 117 उम्मीदवारों की किस्मत दाँव पर लगी है.

इनमें प्रमुख हैं शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा, पटना साहिब), परवीन अमानुल्लाह (आप, पटना साहिब), कुणाल सिंह यादव (कांग्रेस, पटना साहिब), मीसा भारती (राजद, पाटलिपुत्र), रामकृपाल सिंह (भाजपा, पाटलिपुत्र), रंजन यादव (जदयू, पाटलिपुत्र), अनिल शर्मा (जदयू, जहानाबाद), आरके सिंह (भाजपा, आरा), अश्विनी चौबे (भाजपा, बक्सर).

इन सीटों पर मौजूदा सांसद हैं- पाटलिपुत्र- रंजन यादव (जदयू), पटना साहिब- शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा), नालंदा- कौशलेंद्र कुमार (जदयू), मुंगेर- राजीव रंजन सिंह (जदयू), जहानाबाद- जगदीश शर्मा (जदयू), आरा- मीना सिंह (जदयू), बक्सर- जगदानंद सिंह (राजद).

कर्नाटक में कड़ा मुक़ाबला

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बंगलौर से स्थानीय पत्रकार इमरान कुरैशी कहते हैं कि गुरुवार को ही कर्नाटक की सभी 28 सीटों के लिए मतदान होना है. साल 2009 में जब लोकसभा चुनाव हुए थे तो भाजपा को 19, कांग्रेस को छह और जनता दल सेकुलर को तीन सीटों पर जीत मिली थी. उस वक़्त राज्य में भाजपा की ही सरकार थी.

हालांकि बाद में जब भाजपा सासंद सदानंद गौड़ा राज्य के मुख्यमंत्री बने तो उडुपी-चिकमंगलूर की सीट खाली हो गई जिसे उपचुनाव में कांग्रेस ने अपने खाते में जोड़ लिया. मांड्या और बंगलौर की सीट जेडीएस के खाते में थी लेकिन 2013 में विधानसभा के चुनावों के बाद हुए उपचुनाव में ये दोनों सीटें भी कांग्रेस की झोली में चली गईं.

राज्य में स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे बीजेपी के मौजूदा सांसद नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं. माना जा रहा है कि बीएस येदियुरप्पा की वापसी से बीजेपी को लिंगायतों के समर्थन के रूप में फ़ायदा मिल सकता है.

वहीं कांग्रेस पिछड़े, मुसलमानों अनुसूचित जातियों और जनजातियों के वोटों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही है. सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद पर चयन को इसी सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जाता है. कर्नाटक में अगर कांग्रेस को 15 से कम सीटें मिलती हैं तो सिद्धरमैया को हटाए जाने की माँग उठ सकती हैं.

कर्नाटक के चुनाव में लोगों की दिलचस्पी इस वजह से भी बढ़ गई है कि यहाँ से राज्य के छह पूर्व मुख्यमंत्री चुनावी मैदान में हैं. बीएस येदियुरप्पा शिमोगा से, सदानंद गौड़ा बंगलौर उत्तर से, वीरप्पा मोइली चिकबल्लापुर से, धरम सिंह बीदर से, एचडी कुमारास्वामी चिकबल्लापुर से, एचडी देवेगौड़ा हासन से चुनाव लड़ रहे हैं.

सबकी नज़रें बंगलौर दक्षिण की सीट पर भी हैं जहाँ से भाजपा के पाँच बार के सांसद अनंत कुमार का मुक़ाबला नंदन निलकेणी से है. जाने माने टेक्नोक्रेट वी बालकृष्णन बंगलौर सेंट्रल सीट पर आम आदमी पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में हैं.

राजस्थान का रुख़!

जयपुर से वरिष्ठ पत्रकार आभा शर्मा कहती हैं कि राजस्थान में दिसंबर में हुए विधान सभा चुनाव में भारी बहुमत से सत्ता में आने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी का नारा रहा है, 'मिशन 25.' उधर कांग्रेस भी विधानसभा की करारी हार की क्षति-पूर्ति लोकसभा में करने का दम भर रही है.

लोकसभा की 25 सीटों में से 20 पर गुरुवार 17 अप्रैल को होने वाले मतदान में कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गजों के भविष्य का फैसला होगा. इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर सीपी जोशी भी हैं जिनका मुक़ाबला है भाजपा के नए चेहरे ओलम्पिक पदकधारी कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड से है.

इसके अलावा वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और युवा मामलों और खेल विभाग के केन्द्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह पर भी सबकी निगाहें हैं. पर जिस सीट पर सबसे अधिक माहौल गरमाया है, वह है बाड़मेर जहाँ से भाजपा के बागी दिग्गज नेता जसवंत सिंह एक बागी के रूप में मैदान में डटे हैं.

भाजपा ने यहाँ कांग्रेस से पाला बदलकर आए जाट नेता कर्नल सोना राम को टिकट दिया है. इसके अलावा कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ महिला नेत्री डॉक्टर गिरिजा व्यास चित्तौड़गढ़ से, जोधपुर के पूर्व महाराजा गजसिंह की बहन चंद्रेश कुमारी कटोच से और जाट राजनीति में सर्वाधिक सक्रिय रहे मिर्धा परिवार की ज्योति मिर्धा नागौर से चुनाव लड़ रही हैं.

हाडोती की कोटा सीट से वर्तमान कांग्रेस सांसद और राजपरिवार के इज्यराज सिंह दूसरी बार अपना भाग्य आजमा रहे हैं वहीँ झालावाड़ संसदीय क्षेत्र से मुख्यमंत्री के पुत्र दुष्यंत सिंह तीसरी बार मैदान में उतरे हैं.

महाराष्ट्र का मैदान

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महाराष्ट्र से स्थानीय पत्रकार अश्विन अघोर कहते हैं कि राज्य में यह मतदान का दूसरा चरण है. इस चरण में उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और कोंकण के इलाक़ों में पड़ने वाली लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. इनमें सोलापुर, नांदेड, बारामती, बीड, माढा और सिंधुदुर्ग रत्नागिरी जैसे सीटें अहम हैं.

सोलापुर से कांग्रेस नेता और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, नांदेड से महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीड से बीजेपी के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे और माढा से एनसीपी नेता विजय सिंह मोहिते पाटील अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनके अलावा सिंधुदुर्ग-रत्नागिरी से कांग्रेस नेता नारायण राणे के पुत्र नीलेश राणे चुनाव मैदान में हैं.

लोकसभा की इन 19 सीटों में से ज़्यादातर इलाक़ा कृषि संपन्न माना जाता है और यहाँ हाल ही में हुई ओलावृष्टि और उसकी वजह से किसानों को हुए नुक़सान और आत्महत्या की घटनाएँ, इस चुनाव के बड़े मुद्दे रहे हैं.

इस चरण में हिंगोली, नांदेड, परभणी, मावल, पुणे, बारामती, शिरूर, अहमदनगर, शिर्डी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापुर, माढा, सांगली, सातारा, सिंधुदुर्ग-रत्नागिरि, कोल्हापूर और हातकणंगले सीटों के लिए मतदान होगा.

यूपी का युद्ध!

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लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार अतुल चंद्रा कहते हैं कि पाँचवें चरण में उत्तर प्रदेश की जिन 11 सीटों पर गुरुवार को मतदान होना है, उनमें पीलीभीत, बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बदायूं की सीटें प्रमुख हैं. पीलीभीत से गाँधी परिवार की छोटी बहू मेनका गांधी, मुरादाबाद से बेगम नूर बानो (कांग्रेस), बदायूं से मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेन्द्र यादव (समाजवादी पार्टी), बरेली से भाजपा के संतोष गंगवार, संभल से शफीकुर्रहमान (सपा) चुनावी मैदान में हैं.

संजय गांधी की पत्नी और गांधी परिवार की छोटी बहू सातवीं बार संसद के लिए अपना भाग्य आज़मा रही हैं और उनकी जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है. बेगम नूर बानो को रामपुर छोड़ मुरादाबाद इसलिए आना पड़ा क्योंकि यहां के कांग्रेसी सांसद, क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने जीतने के बाद वापस मुड़ कर भी नहीं देखा.

जनता की नाराज़गी से बचने के लिए अज़हरुद्दीन को राजस्थान भेज दिया गया. शफीकुर्रहमान 2009 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट से चुनाव जीते थे. उन्होंने संसद में वंदे मातरम गाने के ऊपर हंगामा किया था. माना जाता है कि मुलायम के क़रीबी आज़म खान के कहने पर इस बार सपा ने उन्हें टिकट दिया है.

ओडिशा का चुनावी हाल

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भुवनेश्वर से स्थानीय पत्रकार संदीप साहू कहते हैं कि ओडिशा में गुरुवार को दूसरे चरण के मतदान में 11 लोकसभा सीटों के लिए कुल 98 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि 77 विधानसभा सीटों के लिए 747 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चरण में राज्य के कुल 1.55 करोड़ मतदाता वोट दे सकेंगे, जिनके लिए 18,692 पोलिंग बूथ हैं.

मुख्य चुनाव अधिकारी मोना शर्मा के अनुसार इस चरण के 329 मतदान केंद्र को 'संवेदनशील' करार दिया गया है. निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा बलों की कुल 406 कंपनियाँ तैनात की गई हैं. इस चरण में लोकसभा के लिए उम्मीदवार हैं बालेश्वर से कांग्रेस के श्रीकांत जेना, कुट्टक से लोकसभा में बीजद के नेता भर्तृहरि महताब, पूरी से बीजद के पिनाकी मिश्र, केंद्रपाड़ा से जय पांडा और ढेंकनाल से तथागत सत्पथी.

गुरुवार को जिन क्षेत्रों में मतदान होना है उन्हें सत्तारूढ़ बीजद का गढ़ माना जाता है. पिछली बार इन 77 विधानसभा सीटों में से 69 पर बीजद की जीत हुई थी लेकिन इस बार स्थिति में काफ़ी परिवर्तन हुआ है. 'एंटी इन्कम्बेंसी' के अलावा इस बार बागी भी पार्टी के उम्मीदों पर फेर सकते हैं.

मध्य प्रदेश का महाभारत

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मध्य प्रदेश से स्थानीय पत्रकार शुरैह नियाज़ी कहते हैं कि राजधानी भोपाल समेत ग्वालियर, खजुराहो, टीकमगढ़, राजगढ़, भिंड, सागर, दमोह, मुरैना और गुना की दस सीटों पर कुल 141 उम्मीदवार अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं. गुना लोकसभा क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री और काग्रेंस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में उनका अपना पूरा परिवार जुटा हुआ है.

उनके ख़िलाफ भाजपा के जयभान सिंह पवैया, जो महल के ख़िलाफ माने जाते हैं, भाजपा से उम्मीदवार हैं. भोपाल लोकसभा क्षेत्र के सात में से छह विधायक कांग्रेस की होने की वजह से भाजपा प्रत्शायी आलोक संजर की राह आसान मानी जा रही है. उनके ख़िलाफ पूर्व विधायक पीसी शर्मा कांग्रेस के प्रत्याशी हैं.

ग्वालियर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर काग्रेंस के आशोक सिंह के सामने हैं. वहीं दमोह से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और कांग्रेस के महेंद्र प्रताप सिंह के बीच मुकाबला है. भिंड में अंतिम वक़्त पर कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए भागीरथ प्रसाद कांग्रेस की इमरती देवी से मुकाबला करेंगे.

झारखंड की छह सीट

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राँची से स्थानीय पत्रकार नीरज सिन्हा के मुताबिक़ झारखंड की छह संसदीय क्षेत्रों के लिए 17 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. मतदान सुबह सात से दिन के चार बजे तक होगा. रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, खूंटी, जमशेदपुर और चाईबासा संसदीय क्षेत्रों के लिए 85 लाख 19 हजार 838 मतदाता कुल 106 उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला करेंगे.

इन चुनावों में दो पूर्व केंद्रीय मंत्री के अलावा राज्य सरकार के चार पूर्व मंत्री समेत सात विधायक अपना भाग्य आजमा रहे हैं. राँची में सुबोधकांत सहाय और पूर्व सांसद रामटहल चौधरी के बीच मुक़ाबला है. लोकसभा के उपाध्यक्ष करिया मुंडा खूंटी से भाजपा के उम्मीदवार हैं. वे सात बार खूंटी से चुनाव जीत चुके हैं.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा हजारीबाग में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं. चाईबासा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा चुनाव लड़ रही हैं. गीता कोड़ा अभी विधायक हैं. पिछले चुनाव में मधु कोड़ा जेल से ही निर्दलीय चुनाव जीते थे.

छत्तीसगढ़ की तीन

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रायपुर से स्थानीय पत्रकार आलोक पुतुल कहते हैं कि 17 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की तीन लोकसभा सीटों राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर में मतदान होना है. इन तीनों संसदीय क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा माओवाद प्रभावित है. राज्य में 10 अप्रैल को बस्तर में मतदान के पहले चरण में हुई माओवादी हिंसा के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं.

माओवादी हिंसा की आशंका के मद्देनज़र कांकेर संसदीय क्षेत्र के सिहावा, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर और केशकाल विधानसभा क्षेत्रों में सवेरे सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे. इसी तरह डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए सवेरे सात बजे से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.

राजनांदगांव के मोहला-मानपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सवेरे सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे, यही स्थिति महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में होगी. महासमुंद में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी चुनाव मैदान में हैं, जहां भाजपा ने निवर्तमान सांसद चंदूलाल साहू को मैदान में उतारा है.

इसके अतिरिक्त पाँचवें चरण में 'इनर मणिपुर' और जम्मू और कश्मीर की उधमपुर सीट के लिए वोट डाले जाएंगे.

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