तेजपाल की ज़मानत याचिका सुनेगा सुप्रीम कोर्ट

तरुण तेजपाल, तहलका के पूर्व संपादक इमेज कॉपीरइट Reuters

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल की ज़मानत याचिका की सुनवाई करते हुए उन्हें फौरन राहत देने से मना कर दिया. लेकिन वो याचिका की सुनवाई करने को तैयार हो गया है.

तेजपाल फ़िलहाल जेल में हैं और उन्हें कुछ दिन और जेल में रहना होगा.

जमानत याचिका पर सुनवाई के सिलसिले में अदालत ने गोआ सरकार को नोटिस जारी किया है.

तेजपाल की तरफ से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि गवाहों को प्रभावित करने के डर को दूर करने के लिए तेजपाल दिल्ली नहीं आएंगे, जहां शिकायतकर्ता और गवाह रहते हैं.

हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि वो दूसरे पक्ष को सुने बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दे सकती है.

मुख्य न्यायधीश पी सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने गोवा पुलिस से चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा है.

खर्च का ब्यौरा

इससे पहले 50 वर्षीय तेजपाल की जमानत याचिका को गोआ हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई.

तेजपाल पर कथित रूप से बलात्कार, यौन उत्पीड़न और एक जूनियर कर्मचारी के साथ शीलभंग की कोशिश के आरोप हैं.

गोआ पुलिस का कहना है कि तेजपाल पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत हैं.

इस बीच तरुण तेजपाल ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी है कि इस मामले की जांच और सुनवाई के दौरान गोआ पुलिस ने कुल कितना धन खर्च किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गोआ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें तेजपाल का आवेदन मिला है और इस बात की जांच की जा रही है कि जो जानकारी उन्होंने मांगी है, वो उन्हें दी जा सकती है या नहीं.

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