बीजेपी कैंपेन में जुटी, कांग्रेस कंप्लेन में: नकवी

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सात राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश के 89 सीटों पर भीषण गर्मी के बावजूद औसत मतदान देखने को मिला है. इनमें गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अहम राज्यों की प्रमुख सीटें शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश में चार बजे तक क़रीब पैंतालीस प्रतिशत मतदान हुआ है. वहीं गुजरात में दोपहर तीन बजे तक 47.60 प्रतिशत मतदान हुआ है. पंजाब में सभी 13 सीटों पर दोपहर तीन बजे तक 41 प्रतिशत मतदान हुआ है.

गुजरात के गांधीनगर में अपना मत डालने के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तक के चुनाव से दो बात साफ हो चुकी है. उन्होंने कहा, "मां-बेटे की सरकार तो गई. नई सरकार की नींव बन चुकी है. शिलन्यास हो चुका है." उन्होंने कहा है कि सातवें और बाक़ी के चरण में मतदाता नई सरकार को मज़बूत करने का काम कर रहे हैं.

मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में दिल्ली में सरकार बनने वाली है और देश के विकास के लिए उनके पास खाका तैयार है.

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से मतदान केंद्र के पास मोदी की प्रेस कांफ्रेंस को अचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है. चुनाव आयोग ने इस बारे में अहमदाबाद के ज़िला कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है.

इस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है, "हमारी पार्टी कैंपेन कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी कंप्लेन कर रही है."

मतदान पर गर्मी का असर

उधर उत्तर प्रदेश में बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा, "मोदी की हवा केवल मीडिया और ओपिनियन पोल में है."

रायबरेली से स्थानीय पत्रकार आशुतोष सिंह के मुताबिक 2009 के मुक़ाबले इस बार मतदाताओं में कम उत्साह देखने को मिला है. इलाके में 11 बजे तक क़रीब 22 फ़ीसदी मतदाताओं ने मत डाला है.

वडोदरा से भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदीचुनाव मैदान में हैं. उनके सामने कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री चुनाव लड़ रहे हैं.

वडोदरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्या ने बताया, "वडोदरा में काफ़ी गर्मी है. पिछले तीन दिनों से पारा 41 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा पहुंचा है. ऐसे में सुबह से चुनाव के लिए मतदान डाले जा रहे हैं. यहां पर लोग एक तरह से आवेग में दिख रहे हैं. यहां के लोग प्रधानमंत्री के मुद्दे पर बात कर रहे हैं. स्थानीय मुद्दों पर ज़्यादा लोग बात नहीं कर रहे हैं."

वडोदरा में नहीं पहुंचा विकास

दिव्या आर्या के मुताबिक़ वडोदरा के लोगों की स्थानीय समस्याएं बनी हुई हैं, बिजली और पानी का विकास गाँवों तक नहीं पहुंचा है.

क़रीब 50 लोगों ने वड़ोदरा में नोटा के पक्ष में मतदान करने के लिए मुहिम चलाया है. इस अभियान से जुड़ी तृप्ति ने बीबीसी को बताया कि दोनों उम्मीदवार अपनी-अपनी बात कहते रहे हैं, स्थानीय लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं इसलिए हमने नोटा का विकल्प अपनाया है.

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अहमदाबाद से बीबीसी संवाददाता संजय मजुमदार का कहना है कि निशान हाई स्कूल में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने यहीं मतदान किया.

संजय मजुमदार के मुताबिक़ आसपास की घरों की छतों पर भारी बंदूक़ों से लैस सुरक्षा बल के जवान नज़र आ रहे हैं जबकि पूरे इलाक़े में पुलिस कमांडो की मौजूदगी है.

पंजाब में अमृतसर में मौजूद बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने बताया, "अमृतसर भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है. जेटली मोदी के क़रीबी नेता माने जाते हैं. लेकिन यहां के स्थानीय लोगों में राज्य सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी दिख रहा है."

मतदाताओं के मूड के बारे में सलमान कहते हैं, "मतदाताओं में काफ़ी जोश नज़र आ रहा है. आक्रोश के चलते भी आम मतदाताओं में जोश दिख रहा है."

भीतरघात का डर

सलमान रावी के मुताबिक़ पंजाब में आम आदमी पार्टी सभी सीटोंपर एक अहम फ़ैक्टर साबित होने जा रहा है.

लखनऊ में मौजूद बीबीसी संवाददाता अतुल चंद्रा कहते हैं, "सुबह में ज़्यादा उत्साह नहीं दिखा है. लेकिन लोग घरों से निकल रहे हैं. उम्मीद है कि शाम में ज्यादातर मतदाता अपना मत डालने निकलेंगे."

अतुल चंद्रा के मुताबिक़ शिया और सुन्नी मुसलमान एक साथ मिलकर वोट डाल रहे हैं और इससे राजनाथ सिंह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.

वहीं अतुल चंद्रा ने ये भी बताया कि कानपुर सहित कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को भीतरघात का सामना करना पड़ सकता है. कानपुर से मुरली मनोहर जोशी चुनाव मैदान में हैं.

हैदराबाद के साइंस कॉलेज मतदान केंद्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने बताया कि इस इलाक़े में मोदी की कोई लहर नहीं दिख रही है और हर मतदाता यहां के स्थानीय उम्मीदवार असुद्दीन ओवैशी का समर्थक दिख रहा है.

ज़ुबैर अहमद के मुताबिक़ हैदराबाद में भी काफ़ी गर्मी है और इसका असर भी मतदाताओं पर नज़र आ रहा है.

श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर ने कहा, "बडगाम में छिटपुट हिंसक घटनाएं जरूर हुई हैं लेकिन लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं. अलगाववादी गुटों ने चुनाव के बहिष्कार करने की धमकी दी हुई है. लेकिन कई जगहों पर मतदाताओं की कतार दिख रही है."

रियाज़ के मुताबिक इलाके में खौफ़ का सन्नाटा जरूर है लेकिन लोग मतदान में हिस्सा ले रहे हैं क्योंकि इलाके में पुख़्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

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