बीसीसीआई ने आरसीए को निलंबित किया

  • 6 मई 2014
ललित मोदी

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव में ललित मोदी की जीत के बाद बीसीसीआई ने राजस्थान क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया है. आरसीए बीसीसीआई के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अदालत में जाने की तैयारी में है.

बीसीसीआई के सचिव संजय पटेल ने एक बयान जारी कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे ये अधिकार है कि वो ऐसे किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सके जिसने उसके नियमों को तोड़ा है.

संजय पटेल ने बयान में कहा है कि "बीसीसीआई के नियम 32 (vii) के तहत बोर्ड के अंतरिम अध्यक्ष शिवलाल यादव ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई की सदस्यता से निलंबित कर दिया है."

बयान में आगे कहा गया है कि क्रिकेट और क्रिकेटरों के हितों को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई जल्दी ही एक तदर्थ समिति बनाएगा.

ललित मोदी के करीबी और आरसीए के उपाध्यक्ष महमूद एम आब्दी ने बीसीसीआई के फ़ैसले को "मनमाना" बताया है. आब्दी ने बीबीसी को फोन पर बताया कि बीसीसीआई का निर्णय एकदम अनुचित है और वह अदालत की शरण में जाएंगे.

इमेज कॉपीरइट AFP

वहीं मोदी के विरोधी और आरसीए के पूर्व अध्यक्ष किशोर रूंगटा ने कहा है कि बीसीसीआई का निलंबन करना अचरज की बात नहीं है क्योंकि मोदी पर पहले ही से आजीवन प्रतिबंध है और बीसीसीआई इस बारे में पहले ही चेतावनी दे चुका था.

अध्यक्ष बने मोदी

मंगलवार को घोषित नतीजों के आधार पर ललित मोदी को राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) का अध्यक्ष चुन लिया गया है.

पिछले हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अधिकारियों को कहा था कि वो राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव के नतीजे छह मई को घोषित कर दें. आरसीए के अध्यक्ष पद के लिए 19 दिसंबर को हुए चुनाव सुप्रीम कोर्ट के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की निगरानी में हुए थे.

राजस्थान की 33 ज़िला इकाइयों ने चुनाव में वोट डाले थे. जिन्हें एक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिया गया था.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ललित मोदी के राज्य के क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के ख़िलाफ़ मुकदमा किया था. बीसीसीआई का कहना था कि ललित मोदी को बोर्ड आजीवन प्रतिबंधित कर चुका है इसलिए वो यह चुनाव नहीं लड़ सकते.

वहीं ललित मोदी के वकील का कहना था कि आरसीए राजस्थान खेल अधिनियम से संचालित है, इसलिए बीसीसीआई की ओर से लगाया गया प्रतिबंध मोदी पर लागू नहीं होता.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार