वाराणसी में 'शासक मोदी नहीं, सेवक मोदी' की रैली

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गुरुवार को बनारस के बाहरी हिस्से रोहनियां में एक रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा, ''मैं यहां शासक के रूप में नहीं, सेवक के रूप में आया हूँ.''

उन्होंने कहा, ''मैं यहाँ आया हूँ आपकी समस्याओं से जूझने के लिए. मुझे विकास के लिए अपनी सेवा का मौका दीजिए.''

बेनियाबाग़ में रैली की अनुमति न मिलने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने अपना सारा ज़ोर रोहनियां रैली में लगा दिया, प्रशासन के निर्णय के विरोध में भाजपा नेताओं ने बीएचयू के सामने तीन घंटे तक प्रदर्शन किया.

बुधवार की रात जिला प्रशासन ने मोदी के चार कार्यक्रमों में से तीन को मंजूरी दे दी थी, जिसमें गंगा की आरती भी शामिल है, लेकिन भाजपा ने यह कहते हुए गंगा आरती का कार्यक्रम रद्द कर दिया कि प्रशासन ने बहुत देर से मंज़ूरी दी.

भाजपा ने वाराणसी के जिलाधिकारी प्रांजल यादव पर आरोप लगाया है कि वे सरकारी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं.

आम चुनाव के आखिरी चरण में बनारस में 12 मई को मतदान होने वाला है. गुजरात की वडोदरा सीट के अलावा मोदी वाराणसी से भी लोकसभा प्रत्याशी हैं.

रोहनियां में मोदी ने कहा, ''देश के सवा सौ करोड़ लोगों के इतिहास का केंद्र गंगा है. साबरमती नदी को हमने बदल दिया है, गंगा को भी हम साफ करेंगे.''

'सिर्फ विकास'

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उन्होंने कहा, ''मैं आप सबके बीच शासक नहीं सेवक के रूप में आया हूँ. विकास से सिवाय मेरा कोई एजेंडा नहीं है.''

मोदी ने कहा, ''विकास क्यों करना है? भारत के नक्शे में एक तरफ पूर्वी और दूसरी तरफ पश्चिमी छोर हैं. पश्चिमी हिस्से में कुछ न कुछ गतिविधि चलती रहती है, लेकिन पूरब की तरफ देखिए पूर्वांचल, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम है, लेकिन यहां कोई गतिविधि नहीं चलती.''

''भारत की एक भुजा तो मजबूत दिखती है, लेकिन दूसरी भुजा दुर्बल है. क्या भारत मां की एक भुजा दुर्बल होगी तो वो महान बनेगी.''

उन्होंने कहा कि अमूल की तर्ज़ में यहां भी काम होना चाहिए. रैली में उन्होंने बनारस के बुनकरों के सूरत के साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी उल्लेख करके बुनकर आबादी के लिए विकास का वादा किया.

चुनाव आयोग पर निशाना

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मोदी ने कहा, ''आज हिंदुस्तान में सूरत के हैंडलूम की चर्चा होती है, लेकिन यह पूरा व्यवसाय सूरत में बनारस के लोगों ने ला कर दिया है. सूरत में बनारस नाम का एक इलाका है. अगर गुजरात उन्हें ऐसा अवसर दे सकता है तो काशी में बुनकरों को ऐसा क्यों नहीं अवसर दिया जा सकता है?''

''मेरे ऊपर भरोसा रखिए बनारस के बुनकर भाइयों, मैं एक साल के भीतर दुनिया में आपके हुनर का डंका बजा दूंगा.''

विरोधियों को निशाना बनाते हुए मोदी ने कहा कि वो मरना पसंद करते हैं लेकिन झूठ बोलना नहीं. यहाँ भी उन्होंने अपनी जाति बिरादरी की बात उठाई और कहा कि उनकी जाति पर झूठे आरोप न लगाए जाएँ.

इस रैली में मोदी संयत दिखे, लेकिन उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''यह मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. क्या अन्य उम्मीदवारों की तरह मुझे अधिकार नहीं है?''

गंगा आरती के लिए जल्द आने का वादा करते हुए उन्होंने कहा, ''मुझे गंगा मां से मिलने की भी इजाज़त नहीं दी गई.''

एक दिन पहले ही उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था. उन्होंने आज़मगढ़ में एक जनसभा में कहा था, "मैं बहुत ज़िम्मेदारी के साथ चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगा रहा हूं. चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है."

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