मोदी के आने की उम्मीद में चढ़ा बाज़ार अगर गिरा तो?

  • 14 मई 2014
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भारतीय आम चुनाव के तमाम एग्ज़िट पोल के मुताबिक नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को भारी जीत मिलने की संभावना है.

इन संभावनाओं के चलते भारतीय बाज़ार में काफी उत्साह और उछाल देखने को मिल रहा है. मगर ऐसे में एक आशंका यह भी उठ रही है कि अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया तो बाज़ार धराशाई हो सकता है.

इन आशंकाओं के मद्देनज़र भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है, "हम पिछले कुछ सप्ताह से बाज़ार की वित्तीय व्यवस्था पर नज़र बनाए हुए हैं. इसके लिए हम कई तरह के मापदंड अपना रहे है. अगले कुछ दिनों में होने वाली किसी भी अनिश्चितता के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं."

रघुराम राजन ने मीडिया को यह जानकारी वित्त मंत्री पी चिदबंरम से मुलाक़ात करने के बाद दी.

कार्रवाई का निर्देश

वित्त मंत्री पी चिदबंरम ने भारतीय रिज़र्व बैंक सहित तमाम वित्तीय संस्थानों को सतर्क रहने के साथ-साथ बाज़ार में किसी अस्थिरता से निपटने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

वित्त मंत्री के निर्देश के बाद सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा ने कहा कि बाज़ार पर पूरी तरह से नज़र रखी जा रही है और किसी को चिंता की जरूरत नहीं है.

सिन्हा के मुताबिक किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा.

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एग़्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलने की संभावना के बाद सेंसेक्स रिकॉर्ड 24,068.94 अंकों तक पहुंच गया. जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज़ का निफ़्टी भी 7000 के पार तक जा पहुंचा है.

भारतीय आम चुनाव के नतीजे 16 मई को आने वाले हैं. पिछले दो आम चुनाव के दौरान एग़्जिट पोल के ग़लत साबित होने के चलते एक तरह की आशंका भी बनी हुई है.

यही वजह है कि तमाम निवेशक अभी इंतज़ार करने की रणनीति अपना रहे हैं.

इंतज़ार की रणनीति

अगर भारतीय जनता पार्टी को बहुमत हासिल नहीं होता है और मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते हैं तो कुछ विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक शेयर बाज़ार में 8 से 10 फ़ीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी. वहीं कुछ विश्लेषकों के मुताबिक बाज़ार को 20 फ़ीसदी तक का गोता लग सकता है.

2004 के आम चुनाव परिणाम के वक्त भारतीय बाज़ार के साथ ऐसा हो चुका है. भारतीय जनता पार्टी के चुनाव नहीं जीत पाने के चलते परिणाम के दिन ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज़ 12.2 फ़ीसदी गिर गया था और अगले दिन यह गिरावट 19 फ़ीसदी तक पहुंच गई थी.

भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस की अपेक्षाज़्यादा बाज़ार समर्थक दल माना जाता है. ऐसे में बाज़ार को उम्मीद है कि मोदी पिछले एक दशक से चली आ रही अर्थव्यवस्था की धीमी रफ़्तार को फिर से पटरी पर लाने में कामयाब होंगे.

इन्हीं उम्मीदों के चलते आशंका भी कम नहीं हैं.

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