क्या चाहते हैं मोदी के समर्थक?

नरेंद्र मोदी

नीले काग़ज़ पर सफ़ेद अक्षरों में साफ़ लिखा था, ‘हर बार, मोदी सरकार’.

शुक्रवार के चुनावी नतीजे आने के बाद रातों-रात बनाए गए ये नए पोस्टर दिल्ली में इंतज़ार कर रहे थे नरेंद्र मोदी का.

देश के प्रधानमंत्री बनने आ रहे, गुजरात के मुख्यमंत्री, नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए छापे गए ये पोस्टर क्या ज़्यादा ही उत्साही नहीं थे?

पोस्टर्स के ढेर के पास खड़ी महिला शांति के मुताबिक़ तो एक साल का काम देखने के बाद ही वो तय करेंगी कि नरेंद्र मोदी को फिर चुनना चाहिए या नहीं.

शांति ने कहा, “15-20 साल से हमें बड़ी परेशानियां है, बिजली, पानी, सुरक्षा और महंगाई की, पहले वो ये सब ठीक करें, नहीं तो जनता वापस नहीं बुलाएगी.”

शांति ने बताया वो घरेलू महिला हैं. उन्हीं के साथ खड़ीं कमला फ़ैक्ट्री में काम करती हैं. वो बोलीं, “हमें तो हमारे बच्चों के लिए रोज़गार चाहिए, इसी उम्मीद में हमने वोट दिया है.”

सुरक्षा

राधा की पोशाक में खड़ीं विनीता पहले झेंपती हैं, फिर मुस्कराकर शिव बने अपने दोस्त के साथ अपनी फ़ोटो खिंचाती हैं.

सुरक्षा विनीता के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है. वे कहती हैं, “दिल्ली में किसी भी लड़की के लिए अकेले सड़क पर निकलना मुश्किल है, चाहे वो पढ़ना चाहती हों, चाहे काम करना, इसके लिए नई सरकार को कुछ करना चाहिए.”

शिव बने उनके दोस्त को भी समाज में फैल रहे अपराध को लेकर चिंता है. वो बोले, “आठ साल के बच्चे से लेकर 50 साल के बुज़ुर्ग तक शराब, जुआ, हथियार पा सकते हैं. इनके ख़िलाफ़ कुछ किया जाना बहुत ज़रूरी है.”

समलैंगिक

इन सबके बीच में ही खड़े थे प्रिंस. वो समलैंगिक हैं. एक ऐसा तबक़ा जो बार-बार भारतीय जनता पार्टी को अपने हितों के ख़िलाफ़ समझता आया है.

प्रिंस बोले, “हमने मोदी जी को वोट दिया है क्योंकि हम चाहते हैं कि लड़कियों के ख़िलाफ़ हिंसा और बलात्कार का जो माहौल बना हुआ है, वह बदले और हम सब आराम से सड़कों पर घूम सकें.”

नरेंद्र मोदी के इंतज़ार में दिल्ली की गर्मी बर्दाश्त कर रहे इन समर्थकों में कई बुज़ुर्ग भी थे. दीनानाथ शर्मा बोले, “महिलाएं हों या बुज़ुर्ग सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है और हमें यकीन है कि नरेंद्र मोदी इस बारे में कुछ करेंगे.”

रोज़गार

कई युवाओं ने नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाली टी शर्ट्स पहनी थीं, जिन पर लिखा था, ‘आई मोदी-फ़ाइड इंडिया’, यानी मैंने मोदी के ज़रिए भारत को बदल दिया.

इन्हीं में से एक अभिषेक ने कहा कि वो चाहते हैं कि अब मोदी यह नारा दें कि, ‘जनसंख्या घटाओ, देश बचाओ’. उनके मुताबिक़ इसी से रोज़गार के आयाम बढ़ेंगे.

एक अन्य युवक नितिन ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती है महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी, और ये सब एक दूसरे से जुड़े हैं, ये ख़त्म होंगे तभी युवा वर्ग देश को आगे बढ़ा सकेगा.”

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