जीतन राम मांझी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री

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Image caption जीतन राम मांझी अति पिछड़े मुसहर समुदाय से आते हैं

जीतन राम मांझी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे.

सोमवार शाम नीतीश कुमार ने मांझी के साथ जाकर राज्यपाल को इस बारे में सूचना दी.

राज्यपाल से मिलकर निकलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नीतीश कुमार ने बताया, "अभी हम महामहिम राज्यपाल से मिलकर आए हैं और हमने अपना दावा प्रस्तुत कर दिया है. हमारे समर्थन में सीपीआई, दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन देने की घोषणा की है."

नीतीश कुमार के मुताबिक़, "हमें अभी पूर्ण बहुमत प्राप्त है, अब आगे की कार्रवाई महामहिम राज्यपाल को करनी है."

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांझी की तारीफ़ करते हुए कहा, "मांझी जी के पास अनुभव है, उनका बड़ा योगदान है."

मांझी इस लोकसभा चुनाव में गया सीट से जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार थे और तीसरे नंबर पर रहे थे.

वह अति दलित मुसहर समुदाय से हैं. माना जा रहा है कि इस क़दम से नीतीश कुमार पिछड़े वर्ग को अपने से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. मांझी इस समय नीतीश सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री हैं.

इससे पहले नीतीश कुमार ने एक बार फिर कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण हुआ, जिसके चलते ऐसे नतीजे सामने आए.

नीतीश ने कहा कि इस्तीफ़ा देने के उनके फ़ैसले से पहले पार्टी विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव सहमत नहीं थे मगर जब उन्होंने अपनी बात सबके सामने रखी तो लोग उनके तर्कों से संतुष्ट हुए.

विधायकों की बैठक

इसके बाद जनता दल यूनाइटेड के नेता राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं.

सोमवार दिन में पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई थी.

बैठक के बाद जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बिहार में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया है.

सिंह ने यह भी साफ़ किया है कि 2015 में होने वाला बिहार का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा, "नीतीश ने लोकसभा चुनावों के बाद इस्तीफ़ा देकर नैतिकता का उच्चतम आदर्श स्थापित किया है. इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दिया था. विधानसभा अभी भी बरकरार है. हमारी पार्टी का बहुमत बरकरार है. आज हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

कठोर फ़ैसला

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि विधानमंडल दल के सदस्यों ने बैठक में लोकसभा चुनाव बाद लिए नीतीश कुमार के फ़ैसले का समर्थन और स्वागत किया.

शनिवार को नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव में मिली हार की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने कहा था, "हमने अपना अभियान मुद्दों पर केंद्रित किया और उसी के आधार पर लोगों के पास समर्थन मांगने गए थे. हमें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए मैंने त्यागपत्र दिया है."

नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को 2014 के आम चुनावों में मात्र सीटें दो मिली हैं. वहीं भाजपा गठबंधन को बिहार की कुल 40 में से 31 सीटों पर जीत हासिल हुई.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने नीतीश के फ़ैसले के बारे में कहा कि राजनीति में कभी-कभी कठोर निर्णय लेना पड़ता है.

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