तरुण तेजपाल को तीन हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत

  • 19 मई 2014
तरुण तेजपाल इमेज कॉपीरइट Getty

सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला पत्रकार के बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सोमवार को तीन हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत दे दी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को उनकी माँ के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए ज़मानत दी है.

तेजपाल के वकील संदीप कपूर ने पीटीआई को बताया कि तेजपाल की माँ शकुंतला तेजपाल की मृत्यु 87 वर्ष की अवस्था में तेजपाल के गोवा स्थित आवास में हुई. उसके बाद तेजपाल ने ज़मानत की याचिका दायर की थी.

तरुण तेजपालः पत्रकारिता का सफ़र, स्टिंग और सेक्स

तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक 50 वर्षीय पत्रकार, लेखक और प्रकाशक तेजपाल पर उनके पूर्व सहकर्मी और क़रीबी मित्र की बेटी ने आरोप लगाया है कि सात और आठ नवंबर को गोवा के एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उनका यौन उत्पीड़न किया था.

यह घटना तहलका द्वारा गोवा में आयोजित एक समारोह के दौरान हुई जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के नामी-गिरामी लोग शामिल हुए थे.

गिरफ़्तारी और आरोप

तरुण तेजपाल को गोवा पुलिस ने 30 नवंबर 2013 को गिरफ़्तार किया था. उन पर आईपीसी की धारा 341 (ग़लत तरीक़े से नियंत्रण), धारा 342 (ग़लत तरीक़े से बंधक बनाना), धारा 354-ए (किसी महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार और शीलभंग की कोशिश), धारा 376 (बलात्कार) लगाई गई है.

तरुण तेजपाल के पास अब क़ानूनी विकल्प क्या हैं?

तेजपाल पर आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013 की धारा 376 (2)(के) के तहत भी आरोप लगाया गया है, जिसका मतलब है कि एक ऐसे व्यक्ति के द्वारा बलात्कार की कोशिश जो महिला को काबू में करने की स्थिति में हो.

उन पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने एक ऐसी महिला के साथ बलात्कार को कोशिश की जो उन्हें अपना संरक्षक मानती थी.

अगर तेजपाल इन आरोपों में दोषी पाए जाते हैं तो तेजपाल को सात वर्ष से अधिक की सज़ा हो सकती है.

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