तीन दशकों में पहली बार इतने नए सांसद

  • 22 मई 2014
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लोकसभा में पहली बार निर्वाचित होकर आने वाले सांसदों की संख्या तीन दशकों में इस बार सर्वाधिक है. इन चुनावों अच्छा प्रदर्शन करने वाली पार्टियों में अधिकांश पहली बार सांसद निर्वाचित होकर आए हैं, जबकि कांग्रेस में इस बार चुनकर आने वाले पुराने संसद सदस्यों की संख्या अधिक है.

2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार चुने गए सांसदों की संख्या 315 यानी कुल सांसदों की संख्या का 58 फ़ीसदी है.

इनमें वे सदस्य भी शामिल हैं जो, हो सकता है कि राज्यसभा के लिए भी सदस्य रहे हों, लेकिन ये पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं.

इस बार निर्वाचित होने वाले 226 सांसद (42 प्रतिशत) पहले भी लोकसभा के सदस्य रहे हैं.

पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च द्वारा नवनिर्वाचित सांसदों पर किए गए अध्ययन के मुताबिक, 15वीं लोकसभा में पहली बार चुने गए सांसदों की संख्या 302 थी.

वहीं 14वीं लोकसभा में पहली बार जनता के बीच से चुनकर आए सांसदों की संख्या 260 थी.

लोकसभा के अनुभवी सांसद

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Image caption इस बार के लोकसभा चुनाव में पहली बार नोटा का इस्तेमाल किया गया.

बिहार की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता राम विलास पासवान, मध्यप्रदेश से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कमल नाथ और मेघालय से पीए संगमा 2014 के लोकसभा चुनावों में नौंवीं बार सांसद चुने गए.

झारखंड से करिया मुंडा और शीबू शोरेन, मध्यप्रदेश से भाजपा नेता सुमित्रा महाजन, उड़ीसा से अर्जुन चारण आठवीं बार सांसद बने.

सुमित्रा महाजन विधायिका का सबसे अधिक अनुभव रखने वाली 16वीं लोकसभा की सबसे वरिष्ठ महिला सांसदों में से एक हैं.

16वीं लोकसभा में 23 सांसद पाँचवीं बार चुने गए हैं. इस बार के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले मात्र दस सांसद ऐसे हैं जो छठीं बार संसद के लिए निर्वाचित हुए हैं. वहीं चौथी बार सांसद चुने गए सांसदों की संख्या 26 है.

इस बार के चुनावों में मात्र आठ सांसद ऐसे हैं जो सातवीं बार निर्वाचित हुए हैं.

लोकसभा में पहुंचे पहली बार

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Image caption इस बार के लोकसभा चुनावों में भारी मतदान हुआ.

इस बार के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 281 सांसदों में 165 सांसद (59 फ़ीसदी) पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. जबकि 116 सांसद (41 प्रतिशत) पहले भी लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं.

एआईडीएमके के 37 सांसदों में 34 पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. प्रतिशत के लिहाज से यह आंकड़ा 92 है.

तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसद (56 प्रतिशत) और बीजू जनता दल (बीजद) के 12 (60 प्रतिशत) सांसद पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं.

कांग्रेस के 44 सांसदों में महज 9 पहली बार चुने गए, जबकि 35 (80 प्रतिशत) पहले भी लोकसभा से सदस्य रहे हैं.

वहीं, पहली बार लोकसभा चुनावों में किस्मत आजमाने वाली आम आदमी पार्टी के चार सांसदों में तीन पहली बार निर्वाचित हुए हैं.

15वीं लोकसभा के सदस्य रहे 171 सांसद 16वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए हैं.

16वीं लोकसभा के लिए दोबारा चुनकर आए सांसदों की सर्वाधिक संख्या (18) पश्चिम बंगाल से है.

इसके बाद कर्नाटक से 17 सांसद और महाराष्ट्र से 16 सांसद 16वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने गए हैं.

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