पटना धमाके: रांची से दो लोग हिरासत में

पटना धमाके का फ़ाइल फ़ोटो इमेज कॉपीरइट AP

पटना और बोध गया में हुए बम धमाकों की जांच कर रही राष्ट्रीय अनुसंधान एजेंसी (एनआईए) की टीम ने रांची से एक डॉक्टर समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है.

पुलिस के मुताबिक़ एक व्यक्ति के पास से लैपटॉप, चार टाइमर, सर्किट, तार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है. पुलिस का कहना है कि लैपटॉप हैदर अली का है, जिन्हें बुधवार को रांची से ही गिरफ़्तार किया गया था.

रांची के सिटी एसपी अनूप बिरथरे ने दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है.

डॉक्टर भी हिरासत में

अनूप बिरथरे ने बताया कि अपोलो अस्पताल इरबा रांची के एक डॉक्टर एजाज़ हाशमी और बरियातू की इदरीस लॉज से शोएब अख़्तर को हिरासत में लिया गया है. एनआईए की टीम दोनों से पूछताछ कर रही है.

बुधवार को एनआईए की टीम ने झारखंड पुलिस की मदद से पटना और बोध गया धमाके से जुड़े चार संदिग्धों को पलामू और रांची से गिरफ़्तार किया था.

अनूप बिरथरे ने बताया कि बुधवार को रांची से ही गिरफ़्तार किए गए हैदर अली ने जानकारी दी थी कि उन्होंने अपना लैपटॉप अपोलो अस्पताल के डॉक्टर एजाज़ हाशमी को दिया है.

हैदर से मिली जानकारी के आधार पर डॉक्टर हाशमी को हिरासत में लिया गया. डॉक्टर हाशमी ने पुलिस को बताया था कि लैपटॉप को उन्होंने इदरीस लॉज में रहने वाले एक युवक शोएब अख़्तर को दिया है. इसके बाद शोएब अख़्तर को लैपटॉप के साथ हिरासत मे लिया गया.

शोएब के कमरे से टाइमर, सर्किट, तार भी बरामद किए गए. पुलिस ने अंदेशा जताया है कि इन चीज़ों का इस्तेमाल बम बनाने में किया जाता होगा.

'कभी संदेह नहीं'

पुलिस का दावा है कि हैदर के संबंध संदिग्धों से रहे हैं.

इस बीच अपोलो अस्पताल इरबा रांची के अधीक्षक पीडी सिन्हा से चिकित्सक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिली है कि एनआईए और पुलिस अस्पताल से उन्हें पूछताछ के लिए ले गई है.

उन्होंने बताया कि डॉक्टर एजाज़ ने अलीगढ़ से एमबीबीएस की पढ़ाई की है. उनके आचरण पर कभी किसी तरह का संदेह नहीं हुआ.

अब उनसे अस्पताल प्रबंधन पहले स्पष्टीकरण लेगा, तभी उनकी भूमिका पर विचार किया जाएगा.

सात जुलाई को बोध गया में बम धमाके में कई लोग घायल हुए थे.

27 अक्तूबर को पटना में नरेंद्र मोदी की रैली से ठीक पहले बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे.

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