'आप' नेता शाज़िया इल्मी ने पार्टी से इस्तीफ़ा दिया

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आम आदमी पार्टी नेता और प्रवक्ता शाज़िया इल्मी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया है. शाज़िया इल्मी पार्टी की संस्थापक सदस्य रही हैं.

शाज़िया इल्मी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अपने इस्तीफ़े का ऐलान किया.

शाज़िया इल्मी ने आम आदमी पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया है कि उसमें आंतरिक लोकतंत्र नहीं है जिसकी वजह से वह पार्टी छोड़ रही हैं. उन्होंने पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी अनदेखी का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ''अरविंद काफ़ी समझदार नेता हैं. मगर वह ख़ुद पार्टी में लोकतंत्र कायम करने में कामयाब नहीं रहे हैं. मैंने अपने इस्तीफ़े के ज़रिए इस बात की निशानदेही करने की शुरुआत की है.''

शाज़िया ने मीडिया के सामने कहा, ''एक छोटा सा दायरा है जो अरविंद को जकड़े हुए है. कुछ लोग हैं जो अरविंद को चारों तरफ़ से घेरे रहते हैं. इसमें घुसना किसी के लिए मुमकिन नहीं है. यहां तक कि मैं भी इस घेरे के अंदर नहीं जा सकती, तो बाकी लोग कैसे जाएंगे.''

शाज़िया ने साफ़ किया कि वह पहले से इस्तीफ़ा देने के बारे में विचार कर रही थीं, मगर चुनावों के नतीजे आने तक रुकी रहीं. उनका कहना है कि उन्हें लगता है कि पार्टी को ही उनकी ज़रूरत नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि ''कहीं से एक अभियान शुरू किया गया है कि मैं ग़ाज़ियाबाद सीट से चुनाव लड़ने से परेशान हूं. मगर ऐसा नहीं है. मैंने अपनी पूरी ताक़त से चुनाव लड़ा. मगर इस बात से बढ़कर अहम यह है कि हम कहां जा रहे हैं.''

शाज़िया इल्मी ने आम आदमी पार्टी को अपनी शुभकामनाएं दीं.

इससे पहले 'आप' नेता सोमनाथ भारती ने बीबीसी से बातचीत में कहा था कि वह शाज़िया से उनके घर पर मिलकर आए हैं पर उन्हें उनके इस्तीफ़ा देने के फ़ैसले की जानकारी नहीं है. उनका कहना था, ''अगर कोई मनमुटाव है तो पार्टी के भीतर बातचीत से सुलझ जाएगा.''

कैप्टन गोपीनाथ का भी इस्तीफ़ा

इस बीच बैंगलोर में मौजूद कैप्टन गोपीनाथ ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

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बीबीसी संवाददाता विनीत खरे से बातचीत में उन्होंने कहा, ''मैं अरविंद केजरीवाल का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. वह साधारण इंसान नहीं हैं. उन्होंने अकेले ही राजनीति की दिशा बदल दी है. लेकिन वक़्त के साथ मेरी और उनकी सोच में मतभेद आते जा रहे थे. जब उन्होंने गिरफ़्तारी के मामले में अदालत की बात नहीं मानी, तो मुझे लगा कि मुझे अब अलग हो जाना चाहिए. अगर आपके पास किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ सुबूत हैं, तो आपको अदालत का रास्ता इख़्तियार करना चाहिए. उन्हें अपना ध्यान पार्टी को मज़बूत करने में लगाना चाहिए और पुरानी ग़लतियों से सीख लेनी चाहिए. पार्टी से छोटी-बड़ी कई ग़ल्तियां हुईं.''

कैप्टन गोपीनाथ ने इसी साल जनवरी में पार्टी ज्वाइन की थी.

इस बीच आम आदमी पार्टी नेता योगेंद्र यादव ने कहा है, ''शाज़िया इल्मी हमारी महत्वपूर्ण सहयोगी रही हैं. हमने चुनाव भी लड़ा है और चुनाव अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.''

योगेंद्र यादव का कहना है, ''शाजिया पिछले कुछ समय से नाराज़ चल रही हैं और उन्होंने पार्टी लीडरशिप के सामने अपनी नाराज़गी रखी है. तब हमने उनसे कहा था कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इनके समाधान रखे जाएंगे. और इनमें से कुछ के समाधान भी सोचे गए थे.''

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