कोई ज़िम्मेदारी मिले तो वापस आ सकती हैं शाज़िया: सोमनाथ भारती

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आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने कहा है कि पार्टी से नाता तोड़ चुकी शाज़िया इल्मी को अगर कोई भूमिका और ज़िम्मेदारी दी जाए तो उनकी वापसी हो सकती है.

पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहीं शाज़िया ने शनिवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. उनके अलावा कैप्टन गोपीनाथ ने भी पार्टी छोड़ दी.

'आप' नेता सोमनाथ भारती ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "जब पार्टी के बड़े नेता अरविंद केजरीवाल जेल के अंदर हों, ऐसे मौक़े पर अगर कोई पार्टी छोड़कर जाए, तो कहीं न कहीं सवाल उसके ऊपर भी खड़ा होता है."

लेकिन उन्होंने कहा कि शाज़िया का पार्टी की विचारधारा से कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा, "अगर शाज़िया इल्मी की प्रेस कॉफ्रेंस को ध्यान से सुना जाए तो पता चलता है कि पार्टी के अंदर अगर उन्हें कोई आदेश करेगी या भूमिका देगी तो वे वापस आ जाएंगी."

उन्होंने कहा कि इससे पहले विनोद कुमार बिन्नी गए, और अब शाज़िया इल्मी, 'लेकिन शाज़िया इल्मी की नाराज़गी बस इतनी है कि पार्टी ने मुझे कोई ख़ास भूमिका नहीं दी है.'

महिलाएं और आप पार्टी

शाज़िया ने साफ़ किया कि वह पहले से इस्तीफ़ा देने के बारे में विचार कर रही थीं, मगर चुनावों के नतीजे आने तक रुकी रहीं. उनका कहना है कि उन्हें लगता है कि पार्टी को ही उनकी ज़रूरत नहीं है.

पार्टी के अंदर नेताओं और कार्यकर्ताओं के भीतर असंतोष के सवाल पर सोमनाथ भारती ने कहा कि किसी पार्टी के भीतर विचारों का मतभेद होना पार्टी के लिए अच्छा होता है.

नए हालात में कितनी दूर तक जा पाएगी आप?

उन्होंने कहा, "अगर हमारे भीतर विचारों की विविधता नहीं होगी तो अच्छे लोग कैसे हमारे साथ जुड़ेंगे. हां, विचारधारा एक होनी चाहिए. लेकिन इन कारणों से कोई पार्टी छोड़कर नहीं जाता. ये ग़लत बात है."

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शाज़िया इल्मी ने कहा कि पार्टी के अंदर फ़ैसले लेने वालों में कभी उन्हें शामिल नहीं किया गया और हमेशा उन्हें बड़े मामलों से अलग रखा गया.

इससे पहले आम आदमी पार्टी की संस्थापक सदस्य मधु भाधुरी ने आप पार्टी पर इल्ज़ाम लगाया था कि पार्टी में महिलाओं की बिल्कुल नहीं सुनी जाती.

इस पर सोमनाथ भारती ने कहा, "आप हमेशा महिलाओं के मुद्दों को उठाती आई है. सबसे ज़्यादा इस विषय पर हमने ही बोला है. अगर आप दिल्ली विधानसभा के परिणाम को देखें तो सबसे ज़्यादा महिलाएं विधायक आम आदमी पार्टी से ही चुनी गई थीं. भाजपा और कांग्रेस से तो नहीं आए. "

उन्होंने कहा, "हां, कहीं कुछ मतभेद हो जाते हैं पार्टी के अंदर तो उसे हम सुलझा लेंगे."

दूसरी तरफ़ 'आप' के एक अन्य नेता योगेंद्र यादव का कहना है, ''शाजिया पिछले कुछ समय से नाराज़ चल रही हैं और उन्होंने पार्टी लीडरशिप के सामने अपनी नाराज़गी रखी है. तब हमने उनसे कहा था कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इनके समाधान रखे जाएंगे. और इनमें से कुछ के समाधान भी सोचे गए थे.''

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