स्मृति ईरानी की पढ़ाई को लेकर नया विवाद

  • 28 मई 2014
भाजपा नेता स्मृति ईरानी इमेज कॉपीरइट AP

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर शुरू हुए विवाद में एक नया पहलू सामने आ गया है.

मंगलवार को चर्चा इस बात को लेकर हो रही थी कि 12वीं पास ईरानी को ये मंत्रालय क्यों दिया गया जिसमें शिक्षा व्यवस्था की भी ज़िम्मेदारी शामिल है. मगर अब ईरानी के चुनाव आयोग में दाख़िल दो शपथ पत्रों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है.

स्मृति ईरानी 2004 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली के चांदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार थीं.

उस वक्त उनके हलफ़नामे में लिखा था कि उन्होंने 1996 में दिल्ली विश्विद्यालय से पत्राचार माध्यम से बीए किया है.

लेकिन 2014 चुनाव में दाखिल किए गए हलफ़नामे में उन्होंने लिखा की उन्होंने 1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्राचार से बीकॉम के पहले साल की पढ़ाई की है.

इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ईरानी पर शपथ पत्र में ग़लत जानकारी देने पर जवाब माँगा है. अभी तक ईरानी की ओर से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं आई है.

12वीं पास

इससे पहले स्मृति ईरानी के 12वीं पास होने को लेकर बयानबाज़ी बुधवार को भी जारी रही.

मंगलवार को कांग्रेस नेता अजय माकन ने ट्वीट किया था "मोदी की क्या कैबिनेट है? मानव संसाधन विकास मंत्री (शिक्षा की ज़िम्मेदारी वाली) स्मृति ईरानी स्नातक भी नहीं हैं."

क़ानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के बाद बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती स्मृति ईरानी के बचाव में सामने आईं.

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Image caption पत्रकार मधु किश्वर ने ट्वीट कर स्मृति ईरानी पर हलफ़नामे में ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया है.

स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता पर बयानबाज़ी

जल संसाधन मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उमा भारती ने कहा, “कांग्रेस के लोग स्मृति ईरानी की योग्यता के बारे में सवाल कर रहे हैं. मैं पूछना चाहती हूं कि सोनिया गांधी की शैक्षणिक योग्यता क्या है क्योंकि उन्होंने यूपीए का नेतृत्व किया है, मनमोहन सिंह को निर्देश दिए.”

वहीं भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नक़वी ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उसके नेताओं को 'अहंकार छोड़ने और आत्ममंथन करने के लिए' कहा है.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेताओं को भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ अपशब्द इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए. कांग्रेस को जनादेश का सम्मान करना चाहिए.”

अजय माकन की ही तरह वरिष्ठ पत्रकार मधु किश्वर ने भी नई मानव संसाधन मंत्री की शैक्षणिक योग्यता के बारे में मंगलवार से बुधवार के बीच कई ट्वीट किए जिसमें उन्होंने स्मृति ईरानी पर अपने हलफ़नामे में ग़लत जानकारी देने का भी आरोप लगाया है.

मधु किश्वर का हमला

मंगलवार को मधु किश्वर ने एक ट्वीट में कहा था, “स्मृति ईरानी महज़ 12वीं पास हैं. वे फ़ैशन मॉडल थीं और फिर टीवी सीरियल में काम किया. क्या भारत के शिक्षा मंत्री के लिए ये योग्यता काफ़ी है?”

स्मृति ईरानी का सफ़र

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अगर उनकी अभूतपूर्व प्रतिभा को देखते हुए ईरानी को उप प्रधानमंत्री भी बना दिया जाए, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन भारत में शिक्षा के क्षेत्र में मौजूदा ख़ामियों से बाहर निकालने के लिए एक अलग तरह का व्यक्ति चाहिए.”

हालांकि एक अन्य ट्वीट में मधु किश्वर ने अजय माकन पर पलटवार किया है. उन्होंने लिखा है, “@ajaymaken आपको (स्मृति) ईरानी की योग्यता के बारे में सवाल करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. आपने अपने सारे मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी सोनिया गांधी को सौंप दी थी जो कि 10वीं पास भी नहीं हैं.”

लेकिन बुधवार को मधु किश्वर ने ट्वीट किया, “स्मृति ईरानी का बचाव करने वाले कृपया ध्यान दें...भाजपा में भी मेरे विचारों का भारी समर्थन हो रहा है. पार्टी के लोग मुझसे भी कहीं ज़्यादा कड़ी बातें कह रहे हैं.”

अजय माकन की ही तरह पूर्व मानव संसाधन मंत्री, कांग्रेस नेता पल्लम राजू ने भी स्मृति ईरानी को ट्विटर के ज़रिए संबोधित किया लेकिन उनकी आलोचना करने की जगह पल्लम राजू ने ईरानी को बधाई दी.

बुधवार को पल्लम राजू ने दो ट्वीट किए जिसमें उन्होंने स्मृति ईरानी को उनकी नई ज़िम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं और दूसरी ट्वीट में लिखा, “स्मृति ख़ुशकिस्मत हैं कि एचआरडी मंत्रालय में समर्पित और मेहनती अधिकारी हैं जो उनके लिए मूल्यवान साबित होंगे.”

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