मुंडे को बेटी पंकजा ने दी मुखाग्नि

केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे का अंतिम संस्कार इमेज कॉपीरइट PTI

केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के क़द्दावर भाजपा नेता गोपानाथ मुंडे को बुधवार को उनके पैतृक गांव परली में हज़ारों समर्थकों की मौजूदगी में भावभीनी विदाई दी गई.

मुंडे की बड़ी बेटी पंकजा मुंडे साल्वे ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी.

गोपीनाथ मुंडे के अंतिम संस्कार के मौक़े पर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाह्वाण और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को समर्थकों के रोष का सामना करना पड़ा.

मुंडे को विदाई देने के लिए भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाह्वाण, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर, भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फडन्वी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, रिपब्लिकन पार्टी के नेता रामदास अठावले, मुंडे-महाजन परिवार के सदस्य और अन्य राजनेता उपस्थित थे.

अंतिम दर्शन

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक परली वैद्यनाथ मुंडे का गांव है. यहां से लगभग 15 किलोमीटर दूर वैद्यनाथ सहकारी चीनी मिल के परिसर में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस मिल की स्थापना उन्होंने ने ही की थी.

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अपने प्रिय नेता के अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए भारी संख्या में लोग आए हुए थे. इनमें महिलाओं और किसानों की संख्या ज़्यादा थी.

पहले बताया गया था कि अंतिम संस्कार चार बजे होगा, लेकिन फिर उसे दो बजे कर दिया गया जिसकी वजह से कई लोग देर से पहुंचे. मुंडे के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस-प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

लोगों की संख्या अधिक होने के कारण तयशुदा कार्यक्रम में बदलाव करते हुए वैद्यनाथ कॉलेज के प्रांगड़ में अंतिम दर्शन का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया.

शव को लातूर से सीधे हेलिकॉप्टर द्वारा चीनी मिल के परिसर में लाया गया.

राजकीय सम्मान

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अंतिम संस्कार के समय उपस्थित लोगों के बेक़ाबू होने के कारण पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा.

कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया. मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाह्वाण और नितिन गडकरी को भी जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा और उनकी गाड़ियों पर भी पत्थर फेंके गए.

आख़िर ख़ुद पंकजा मुंडे साल्वे को लोगों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी. उन्होंने अपने पिता के नाम की क़सम दिलाकर भीड़ को शांत किया.

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गोपीनाथ मुंडे का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया.

मुंडे को श्रद्धांजलि के तौर पर बीड़ ज़िला और ख़ासकर परली में मंगलवार से पूरी तरह बंद का माहौल था. बीड में बुधवार सुबह एटीएम तक बंद थे.

अंतिम संस्कार के बाद बीड़ और परली की ओर जाने वाले रास्ते जाम हो गए और पांच किमी तक वाहनों की क़तारें लगी रहीं. ख़ुद पूनम महाजन और राहुल महाजन जाम में फंसे दिखाई दिए.

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