कट्टरपंथियों पर क़ाबू पा सकेंगे नरेंद्र मोदी?

  • 6 जून 2014
नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट AFP

फ़ेसबुक पर छत्रपति शिवाजी और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की तस्वीरों को आपत्तिजनक तरीक़े से पेश किए जाने के बाद महाराष्ट्र के पुणे शहर में कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने एक मुस्लिम युवक को पीट पीट कर मार डाला.

पुलिस ने इस सिलसिले में हिंदू राष्ट्र सेना नाम के एक हिंदुत्ववादी संगठन के 17 लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुणे में एक और मुसलमान नौजवान को भीड़ ने मार मार कर बुरी तरह घायल कर दिया.

जिस दिन नरेंद्र मोदी ने भारत के पंद्रहवें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली उससे एक दिन पहले अहमदाबाद में दो कारों की मामूली टक्कर ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया. कई दुकानें और वाहन फूँक दिए गए.

वहीं कर्नाटक के बीजापुर में विजय जुलूस निकाल रहे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच हिंसक झड़पें हुईं जिसमें कई लोग घायल हुए.

इससे पहले जिस दिन भारत के मतदाताओं ने नरेंद्र मोदी को भारी बहुमत से जिताकर देश का नेतृत्व करने का जनादेश दिया, उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर दस साल पहले हुए हमलों के छह मुस्लिम अभियुक्तों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक ओर कट्टरपंथी तत्वों से निपटने की चुनौती है तो दूसरी ओर निर्दोष लोगों को न्याय दिलवाने की ज़िम्मेदारी. सवाल है कि क्या वो कट्टरपंथी तत्वों को कड़ा संदेश देने में कामयाब हो पाएँगे?

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