सुमित्रा महाजन बनीं लोकसभा अध्यक्ष

  • 6 जून 2014
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भाजपा की वरिष्ठ नेता और इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन सर्वसम्मति से सोलहवीं लोकसभा की अध्यक्ष चुन ली गई हैं.

सदन में उनके नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. सुमित्रा महाजन लोकसभा की दूसरी महिला अध्यक्ष होंगी.

उनके इस प्रस्ताव का कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, जनता दल (सेकुलर) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने समर्थन किया.

प्रधानमंत्री ने दिया प्रस्ताव

लोकसभा का अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कई अन्य नेता उन्हें आसन तक लेकर गए.

महाजन के अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह गौरव की बात है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की व्यास पीठ (आसन) पर एक महिला बैठेगी.

उन्होंने कहा कि देश के लोगों की समस्याओं के समाधान में उनका मार्गदर्शन बहुत मूल्यवान होगा.

सुमित्रा महाजन पिछले आठ बार से मध्य प्रदेश के इंदौर लोकसभा क्षेत्र से जीतती आ रही हैं.

कामकाज पर ज़ोर

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सुमित्रा महाजन ने गुरुवार को बीबीसी से कहा था कि वो इस बात का प्रयास करेंगी कि लोकसभा अपने विधायी दायित्वों को पूरा करे.

उन्होंने कहा, ''मैं लोकसभा में अधिक कामकाज पर ज़ोर दूंगी. वहां एजेंडे को पूरा करने के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष में अच्छा समन्वय होना चाहिए. लोगों को हमसे बहुत उम्मीदें हैं. हमें काम के घंटे बढ़ाने चाहिए.''

पिछली लोकसभा के अंतिम कुछ सत्रों में कामकाज संसद सदस्यों के अत्यधिक शोर-शराबे के कारण प्रभावित हुआ था.

यहाँ तक की एक सांसद तो काली मिर्च का स्प्रे सदन में लेकर चले गए थे. उन्होंने इसका प्रयोग अपने कुछ साथियों पर ही कर दिया था.

लेकिन महाजन का कहना है कि उन्हें यह पता है कि इस तरह की परिस्थितियों से किस तरह निपटा जाता है.

उन्होंने कहा,''कई बार बच्चे जब लड़ते हैं तो माँ उन्हें प्यार से डांटती है, जब वो लड़ेंगे तो मैं एक माँ की तरह उन्हें समझाऊंगी.''

सुमित्रा महाजन को लोग प्यार से ताई (मराठी में बड़ी बहन) कहते हैं. महाजन को उनके मित्रवत व्यवहार के लिए जाना जाता है. हर राजनीतिक दल में उनके अच्छे मित्र हैं.

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