इराकी यूनिवर्सिटी में बंधक रिहा

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इराक़ के शहर रमादी में एक यूनिवर्सिटी पर हमला करने वाले चरमपंथियों ने दर्जनों बंधकों को रिहा कर दिया है.

हमले के बाद सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच घंटों तक संघर्ष चला, जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए.

चरमपंथियों ने कहा था कि छात्र और छात्राएं अपने छात्रावासों में रहें, वहीं अन्य सैकड़ों छात्र और कर्मचारी भी यूनिवर्सिटी परिसर में फंसे रहे.

सुरक्षा बलों ने यूनिवर्सिटी परिसर को घेर लिया और चरमपंथियों से उनका संघर्ष चला. इसमें कई चरमपंथी मारे गए जबकि कई अन्य भाग गए.

बताया जाता था ये चरमपंथी इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक नाम के संगठन से हैं.

हमले से हड़कंप

एक छात्र ने बताया कि हमले से यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया.

पुलिस का कहना है कि हमलावर पड़ोसी अल-ताशा ज़िले से आए और उन्होंने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार को जोड़ने वाले पुल को ध्वस्त कर दिया.

इराक़ का पश्चिमी प्रांत अनबार देश में बढ़ती हुई सांप्रदायिक हिंसा का केंद्र बन गया है जहां बहुत से इलाक़े सुन्नी चरमपंथियों के नियंत्रण में हैं.

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रमादी के कुछ हिस्से कई महीने से इनके नियंत्रण में हैं.

30 अप्रैल को हुए संसदीय चुनाव में हिंसा की वजह से इस प्रांत में मतदान नहीं हुआ.

प्रधानमंत्री नूरी मलिकी के गठबंधन ने चुनाव में जीत हासिल की लेकिन उन्हें बहुमत नहीं मिल पाया. मलिकी अपना तीसरा कार्यकाल बरकरार रखना चाहते हैं लेकिन दूसरे दल उनका मुखर विरोध कर रहे हैं.

वे मलिकी को सांप्रदायिक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं जिसमें इस साल 3,500 लोग मारे गए और उन पर यह भी आरोप है कि वह सत्ता पर एकाधिकार जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

हालांकि मलिकी ने सीरिया में चल रहे संघर्ष की तरह ही यहां हिंसा का माहौल बनने के लिए बाहरी कारकों को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने मौजूदा राजनीतिक गतिरोध के लिए अपने विरोधियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

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