बाँध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण हुई हिमाचल दुर्घटना

  • 9 जून 2014
ब्यास नदी इमेज कॉपीरइट Himachal Tourism

समाचार एजेंसियों ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा है कि 24 छात्र हिमाचल प्रदेश की एक नदी की धार में बह गए थे उनमें से चार के शव बरामद हो गए हैं.

इस बीच केंद्र सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी मनाली-कीरतपुर हाइवे पर स्थिति थलौट के लिए रवाना हो गई हैं, जहाँ हैदराबाद के 24 छात्रों के पानी में बह जाने की आशंका जताई जा रही है.

हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के तकरीबन 24 छात्र मंडी से 40 किलोमीटर दूर स्थित थालौट के समीप रविवार शाम ब्यास नदी में बह गए.

ख़बरों के मुताबिक़ यह हादसा उस समय हुआ जब 126 मेगावॉट के लारजी जल विद्युत परियोजना के बाँध से अचानक पानी छोड़ा गया.

हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िला कमिश्नर देवेश कुमार ने पहले बीबीसी को तीन शव मिलने की पुष्टि की थी.

देवेश कुमार ने कहा कि इनमें से दो युवतियां हैं और एक युवक.

दुर्घटना की जगह राजधानी शिमला से क़रीब 200 किलोमीटर दूर है.

ज़िलाधिकारी ने पहले बताया था कि "छात्र ब्यास नदी के नज़दीक फ़ोटोग्रॉफ़ी कर रहे थे. लारजी बाँध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण 24 छात्र बह गए."

ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में रविवार को दिक़्क़ते आईं.

देवेश कुमार ने बताया था, "समूचा प्रशासन मौक़े पर है लेकिन रात हो जाने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफ़ी दिक़्क़ते आ रही हैं. ये दर्रे का इलाक़ा है और यहाँ नदी में छात्रों को खोजना भी ख़तरे से खाली नहीं है."

देवेश कुमार ने बताया, "पहाड़ों पर बर्फ़ पिघलने के कारण ब्यास नदी का जलस्तर काफ़ी बढ़ गया है. हमने डैम का पानी रोकने के लिए कहा है."

हैदराबाद के बीएनईआर कॉलेज के छात्र घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश आए थे.

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