राजस्थान: अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर मुक़दमा

अशोक गहलोत

राजस्थान पुलिस ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के बेटों समेत सात लोगों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर 108 एंबुलेंस सेवा में घोटाले का मामला दर्ज किया है.

प्राथमिकी के मुताबिक़ सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीज़ों को ले जाने के लिए एंबुलेंस का ठेका देने में कथित रूप से घोटाला किया गया है.

पुलिस ने यह मामला प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के एक नेता की शिकायत पर दर्ज किया है. विपक्षी कांग्रेस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

भाजपा नेता की शिकायत

जयपुर के अशोक नगर पुलिस ने एफ़आईआर में जिन लोग को नामज़द किया है उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और पूर्व केंद्रीय मंत्री वायलार रवि के बेटे रवि कृष्ण के नाम भी शामिल हैं.

इनके साथ ही अशोक गहलोत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे दुरु मियां का नाम भी प्राथमिकी में शामिल है.

इस मामले में पुलिस तब हरकत में आई जब जयपुर के पूर्व महापौर और भाजपा नेता पंकज जोशी ने इस पूरे मामले में घोटाले का आरोप लगाते हुए जाँच की मांग की.

जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाने के अधिकारी हर्षराज सिंह ने बताया कि पुलिस ने काग़ज़ात की जांच-पड़ताल के बाद मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि अब मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौर कहते हैं कि भाजपा पहले भी प्रतिपक्ष में रहते हुए इस मामले के जाँच की मांग करती रही है क्योंकि इसमें ग़ैर-क़ानूनी तौर पर दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों के बेटों को भारी लाभ पहुंचाया गया है.

आरोप-प्रत्यारोप

पंकज जोशी ने कहा कि इन नेताओं के बेटों की कंपनी को जानबूझ कर आपराधिक षड्यंत्र के तहत लाभ पहुंचाया गया है. इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री और तब के स्वास्थ्य मंत्री को भी नामित किया गया है क्योंकि ये सब उनकी शह और मर्ज़ी से हुआ है.

जोशी का आरोप है कि इन नेताओं के बेटों के ठेके की एंबुलेंस मरीज़ों को लाने ले जाने के लिए सड़कों से ज़्यादा काग़ज़ों पर दौड़ीं.

वहीं इस मामले में जिन नेताओं को नामज़द किया गया है, उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन प्रदेश कांग्रेस सचिव दिनेश यादव कहते हैं यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है. इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. उनके अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को राजनीतिक बदले की भावना से लांछित करने का प्रयास किया गया है.

बहरहाल गर्मी की तपिश से जूझ रहे राजस्थान में अभी बरसात तो दूर है मगर इस मामले में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष में आरोप प्रत्यारोप की बौछार ज़रूर शुरू हो गई है.

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