'मोदी के अच्छे पर शिवराज के बुरे दिन आ गए हैं'

  • 30 जून 2014
दिग्विजय सिंह-फैसल मोहम्मद अली

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीबीसी हिंदी के हैंगआउट में कहा है कि मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापम बिहार के 'चारा घोटाला से भी बड़ा है' और नरेंद्र मोदी के अच्छे लेकिन शिवराज के बुरे दिन आ गए हैं.

दिग्विजय सिंह के मुताबिक़, ''व्यापम के कथित घोटाले को लेकर उमा भारती ने कहा कि ये चारा घोटाले से भी बड़ा है. व्यापम के माध्यम से जिन लोगों को लाभ पहुंचाया गया है उनमें भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नेता भी शामिल हैं."

बीबीसी दफ़्तर में कांग्रेस नेता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिए.

व्यापम के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा विधान सभा में सवाल पूछे जाने के बाद सरकार ने उसे स्वीकार किया उसके बावजूद भी उसे रोकने का प्रयास नहीं किया गया.

दिग्विजय सिंह का कहना है कि बच्चों का कोई दोष नहीं है, जिन्हें पकड़ा जा रहा है और जिन्होंने उन्हें ठगा है और सीटें बेची हैं उन ठेकेदारों, दलालों को पकड़ा जाए.

'शिवराज के नाक के नीचे होता रहा'

उन्होंने कहा कि व्यापम घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में 45 जनहित याचिका दायर हुईं और अप्रैल 2014 में इसका संज्ञान लेते हुए अदालत ने केस दर्ज कराया. वह कहते हैं कि कई बार उन्होंने खुद इसे लेकर ढिलाई के आरोप भी लगाए.

कांग्रेस नेता के मुताबिक मेडिकल सीटें बेचीं गई जिसमें अरबों का घोटाला हुआ है.

उनका कहना था कि ये सब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नाक के नीचे होता रहा लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया.

'शिवराज के बुरे दिन'

बीबीसी ने दिग्विजय सिंह से सवाल किया कि जब ये मामला इतना पुराना है तो इसके अचानक से चर्चा में आने के पीछे वो क्या वजह देखते हैं तो उनका कहना था कि उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक़ इसके दो कारण हो सकते हैं, या तो अब कांग्रेस ने इसको अधिक अच्छे तरीक़े से उठाया है.

दूसरा ये कि "मीडिया इसके महत्व को समझ गई है या फिर मोदी साहब के आने के बाद मोदी के अच्छे दिन लेकिन शिवराज के बुरे दिन आ गए हैं."

दिग्विजय सिंह का दावा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री इसी मामले को लेकर दो दिनों पहले दिल्ली भी आए थे.

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