मोदी के 'महंगे दिनों' पर संसद में हंगामा

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सोलहवीं लोकसभा के पहले बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरूआत हुई.

लोकसभा

प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर नारे लगाने लगे. विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर चर्चा चाहता था. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के पहले दिन का हवाला देते हुए चर्चा नहीं कराई. हंगामे के चलते कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई है. हंगामे के दौरान विपक्ष के नेताओं ने नारे लगाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के 'अच्छे दिन महंगे दिन बन गए हैं.'

राज्य सभा

  • राज्य सभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने खाद्य पदार्थ और पेट्रोलियम पदार्थों में हुई बढ़ी कीमतों को ग़रीब विरोधी बताया और मूल्य वृद्धि को वापस लेने की मांग की.
  • बहुजन समाज पार्टी की मायावती ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसके चुनाव में व्यापारी वर्ग ने पैसा लगाया और मूल्य वृद्धि के ज़रिए अब भाजपा उसे ब्याज समेत वो पैसा वापस कर रही है.
  • जनता दल (यूनाइटेड) के शरद यादव ने कहा कि सब आलू-प्याज के दाम बढ़ने पर महंगाई की चर्चा तो होती है. लोहा, सीमेंट, फर्टीलाइज़र और इलेक्ट्रानिक उत्पादों के मूल्य बढ़ने पर हंगामा क्यों नहीं होता.
  • माकपा के सीताराम येचुरी ने 14 आवश्यक वस्तुओं के कमोडिटी एक्सचेंज में कारोबार पर रोक लगाने की मांग की.
  • येचुरी ने कहा कि बैलेंस शीट में फ़ायदा दिखा रही तेल कंपनियों के तथाकथित घाटे को पूरा करने लिए तेल के दाम बढ़ाना बंद होना चाहिए.
  • द्रमुक की कनिमोड़ी ने कहा कि देश में किसानों और कृषि को सुरक्षा नहीं मिली हुई है, इसलिए महंगाई बढ़ रही है.
  • इसके बाद राज्य सभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

बाहर

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ़ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठी-चार्ज भी किया.

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