फ़ैज़ाबाद की अदालत में बमबारी, एक की मौत

  • 9 जुलाई 2014
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उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद की ज़िला अदालत में एक पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ़ सोनू और उनके भाई यशभद्र सिंह उर्फ़ मोनू पर बमों से हमला किया गया.

नौ जुलाई की सुबह दोनों पर हमला उस वक़्त किया गया जब वे एक हत्या के मामले में अदालत आए थे.

दोनों भाई इलाहाबाद में हुई संत ज्ञानेश्वर की हत्या में नामज़द हैं और उसी मुक़दमे के सिलसिले में फ़ैज़ाबाद आए थे.

साल 2006 में अपने शिष्यों के साथ माघ मेले से लौट रहे संत ज्ञानेश्वर के क़ाफ़िले पर फ़ायरिंग हुई थी.

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आपसी रंजिश

संत ज्ञानेश्वर के क़ाफ़िले पर हुई फ़ायरिंग में ज्ञानेश्वर सहित चार लोगों की मौत हो गई थी. संत ज्ञानेश्वर के शिष्यों ने सोनू और मोनू के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(क़ानून और व्यवस्था), मुकुल गोयल के अनुसार बुधवार की घटना इसी रंजिश का परिणाम थी.

एडीजी क़ानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने बताया कि घटना में चार लोगों के घायल होने और एक हमलावर के मारे जाने और एक के पकड़े जाने की सूचना है.

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गोयल के अनुसार हमले में दो लोग शामिल थे. एक हमलावर मोनू सिंह के बॉडीगार्ड की जवाबी फ़ायरिंग में मारा गया और दूसरा गिरफ़्तार कर लिया गया है.

मौक़े पर पुलिस को कोर्ट परिसर से तीन बम भी मिले.

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सोनू सिंह सुल्तानपुर के इसौली से बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रह चुके हैं और मोनू धनपतगंज से तीन बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं.

ख़राब छवि होने के बाद भी लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को सोनू सिंह दल में शामिल करने से कोई गुरेज़ नहीं हुआ.

गोयल ने बताया कि पकड़े गए हमलावर ने संत ज्ञानेश्वर का शिष्य होने की बात स्वीकार की है. मृतक भी संत ज्ञानेश्वर का शिष्य था.

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