कितने नंबर मिलेंगे मोदी सरकार के बजट को?

  • 10 जुलाई 2014
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बजट से मार्केट में थोड़ी निराशा हो सकती है क्योंकि आर्थिक सुधार की दिशा में कोई बहुत बड़ा कदम नहीं उठाया गया है लेकिन खास बात है कि बजट में नकारात्मकता कम है.

इसके अलावा यह अब तक का सबसे लंबा और पॉलिटिकल बजट है. इस बजट को पिछले बजट की तुलना में बेहतर मान सकते हैं.

बजट में सरकार का विज़न दिखाने की कोशिश की गई है. यह एक बैलेंस बजट है.

इसमें एक असमंजस वाली बात यह है कि वित्तीय घाटे का लक्ष्य 4.1 रखा गया है या 4.5.

कोई ख़ास बदलाव नहीं

दो दिनों से बाज़ार में गिरावट चल रही थी इसलिए बजट भाषण के शुरूआत में गिरावट थी लेकिन बजट भाषण ख़त्म होते-होते बाजार में फिर से उछाल आया. इसका कारण है कि टैक्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है.

विनिवेश का मामला बजट में कवर नहीं हुआ है लेकिन इसकी संभावना बनी होगी.

विनिवेश की कुछ हलचल सरकार के आने के बाद ज़रूर हुई है.

इस बजट को 10 में 7-8 नंबर दिए जा सकते हैं.

(दीपक मोहोनी बाज़ार के जानकार और ट्रेंडवाच कंपनी के संस्थापक है.)

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