इच्छा मृत्यु पर किस देश में क्या क़ानून?

जहरीली सुई से इच्छा मृत्यु इमेज कॉपीरइट SPL

भारत में इच्छा मृत्यु पर बहस तेज़ हो गई है, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को नोटिस भेजकर उनकी राय माँगी है.

इच्छा मृत्यु के मामले दो तरह के होते हैं- एक निष्क्रिय इच्छा मृत्यु और दूसरी सक्रिय इच्छा मृत्यु.

निष्क्रिय इच्छा मृत्यु के मामले में ऐसे व्यक्ति को उसके परिजनों की इजाज़त से मरने की छूट दी जाती है जो जीवन रक्षक प्रणाली पर अचेत अवस्था में रहता है लेकिन तकनीकी तौर पर वो जीवित होता है.

परिजनों के न होने पर डॉक्टर भी ये फ़ैसला कर सकते हैं.

सक्रिय इच्छा मृत्यु के मामले में ठीक न हो सकने वाले बीमारी की हालत में किसी मरीज को उसकी इच्छा से मृत्यु दी जाती है.

आइए जानते हैं इन देशों में किस रूप में मौजूद है इच्छा मृत्यु

अमरीका- यहां सक्रिय इच्छा मृत्यु ग़ैर-क़ानूनी है लेकिन ओरेगन, वॉशिंगटन और मोंटाना राज्यों में डॉक्टर की सलाह और उसकी मदद से मरने की इजाज़त है.

स्विट्ज़रलैंड- यहां ख़ुद से ज़हरीली सुई लेकर आत्महत्या करने की इजाज़त है, हालांकि इच्छा मृत्यु ग़ैर- क़ानूनी है.

नीदरलैंड्स- यहां डॉक्टरों के हाथों सक्रिय इच्छा मृत्यु और मरीज की मर्ज़ी से दी जाने वाली मृत्यु पर दंडनीय अपराध नहीं है.

बेल्जियम- यहां सितंबर 2002 से इच्छा मृत्यु वैधानिक हो चुकी है.

ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस और इटली जैसे यूरोपीय देशों सहित दुनिया के ज़्यादातर देशों में इच्छा मृत्यु ग़ैर-क़ानूनी है.

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