जज नियुक्ति के नए प्रस्ताव पर हंगामा

  • 22 जुलाई 2014
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केंद्र सरकार ने जजों की नियुक्ति के लिए एक आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर सभी पार्टियों की राय मांगी गई है.

हालांकि सरकार के इस प्रस्ताव पर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में कहा कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की ज़रूरत है इसलिए सरकार न्यायाधीश नियुक्ति आयोग बनाने पर विचार कर रही है.

भारत के तीन पूर्व न्यायाधीशों पर लगाए गए जस्टिस मार्कंडेय काटजू के भ्रष्टाचार के आरोप से न्यायपालिका में सुधार का मुद्दा फिर सुर्ख़ियों में हैं.

असफल कोशिश

सोमवार को भी रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में कहा था कि न्यायाधीश नियुक्ति आयोग के गठन के लिए सरकार तमाम पार्टियों और क़ानूनविदों से विचार विमर्श करेगी.

इस प्रस्तावित आयोग को न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था की जगह लाने की बात हो रही है.

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एनडीए सरकार 2003 में भी जजों की नियुक्ति का कॉलेजियम सिस्टम ख़त्म करने की असफल कोशिश कर चुकी है.

एनडीए सरकार तब आयोग के गठन के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाई थी लेकिन विधेयक जब स्थाई समिति के पास था तो 15वीं लोकसभा भंग हो गई थी.

यूपीए सरकार सैद्धांतिक रूप से आयोग के गठन के लिए तैयार थी लेकिन फिर भी आयोग नहीं बन पाया.

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