बिहार: 'बाढ़ की स्थिति नेपाल पर निर्भर'

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बिहार राज्य आपदा प्रबंधन के अनिल कुमार का कहना है कि बिहार में बाढ़ का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नेपाल अपने क्षेत्र में हुए भूस्खलन के प्रभाव से किस तरह निपटता है.

उन्होंने कहा कि कोसी में बाढ़ की आशंका से राज्य के आठ ज़िलों के दो लाख लोगों पर ख़तरा बना हुआ है.

अनिल कुमार सिन्हा ने बीबीसी को बताया, "हम तो यहां पूरी तरह से चाक चौबंद हैं. लेकिन ये निर्भर करता है कि नेपाल में प्रशासन इस संभावित ख़तरे से कैसे निपटता है. अगर वहां ये काम ठीक से नहीं हुआ तो बिहार में भयानक तबाही आ सकती है."

दो दिन पहले उत्तरी नेपाल में ज़बरदस्त भूस्खलन हुआ था जिसकी वजह से कोसी नदी का पानी रुकने से वहां एक झील बन गई और नेपाली सेना विस्फोट करके पानी के निकास का रास्ता बना रही है.

नेपाल के गृह मंत्रालय के अनुसार छह और शवों को निकाला गया है जिसके बाद मरने वालों की कुल तायदाद 26 हो गई है जबकि बहुत सारे लोग अभी भी लापता हैं.

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बिहार सरकार के मुताबिक़ अब तक 60 हज़ार से ज़्यादा लोगों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रभावित इलाकों में सौ से ज़्यादा राहत शिविर लगाए गए हैं.

अनिल कुमार सिन्हा ने ये भी बताया कि, "बाढ़ के ख़तरे के बावजूद काफ़ी लोग अपना घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं. हमें उन्हें समझाने में बड़ी मुश्किलें पेश आ रही हैं."

ख़तरे से निपटने की तैयारी

स्थिति का आकलन करने के लिए छह लोगों की एक टीम नेपाल पहुंच गई है.

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नौसेना के गोताखोर तैयार रखे गए हैं. दिल्ली से 20 डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम बिहार के लिए रवाना हो चुकी है.

केंद्र सरकार ने दावा किया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में पर्याप्त मात्रा में अनाज उपलब्ध है.

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