कोर्ट से सोनिया और राहुल गांधी को राहत

  • 6 अगस्त 2014
सोनिया गांधी, राहुल गांधी इमेज कॉपीरइट AP

'नेशनल हेरल्ड' मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को 13 अगस्त तक अदालत में पेश होने से छूट दे दी है.

दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने इस मामले में दोनों ही नेताओं को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया था.

गुरुवार को अदालत में सोनिया और राहुल को पेश होना था लेकिन इससे पहले हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं की अर्ज़ी के चलते समन पर रोक लगा दी.

कोर्ट में बहस पूरी नहीं हो पाई थी और सुब्रमण्यम स्वामी का पक्ष अभी सुना जाना था इसलिए अदालत ने यह आदेश जारी किया.

अदालत ने कहा कि 13 अगस्त को भी इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी.

सोनिया गांधी की तरफ से मामले को देख रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ''यह मामला पूरी तरह निराधार है और मामला चलाए जाने के लिए जरूरी तथ्य भी नहीं हैं.''

याचिकाकर्ता भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, ''यह राहत केवल 13 अगस्त तक के लिए है. इस बीच समन की नई तारीख के लिए मैं गुरुवार को ट्रायल कोर्ट जाऊंगा.''

आरोप

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Image caption सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि गांधी परिवार ने ग़ैर क़ानूनी तरीके से अख़बार की संपत्ति पर क़ब्ज़ा कर लिया

नेशनल हेरल्ड को प्रकाशित करने वाली कंपनी दि एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड की स्थापना 1938 में हुई थी.

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा शुरू किया गया यह अख़बार 2008 में बंद हो गया था. नवगठित कंपनी यंग इंडिया ने 2010 में इसका अधिग्रहण कर लिया था.

सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि एसोसिएटेड जर्नल की संपत्ति लेने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ रुपये बतौर ऋण दिए थे जो ग़ैरक़ानूनी है.

उनका कहना है कि नेशनल हेरल्ड अख़बार के बंद होने के बाद कंपनी की संपत्ति पर ग़ैर क़ानूनी तरीके से क़ब्ज़ा कर लिया गया और यंग इंडियंस नाम की एक कंपनी बनाई गई.

इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, मोतीलाल वोरा और सुमन दुबे सहित 6 लोगों को उन्होंने अपनी याचिका में अभियुक्त बनाया है.

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