न्यायिक विधेयक को चुनौती देंगे नरीमन

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प्रतिष्ठित न्यायविद फ़ाली एस नरीमन ने कहा है कि वो न्यायिक नियुक्ति आयोग विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.

निजी समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में संविधान विशेषज्ञ नरीमन ने कहा, "मुझे लगता है कि बिल को पेश करने की हड़बड़ी में क़ानून मंत्री की राय भी नहीं ली गई."

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीशों की इच्छाओं को प्रमुखता न देना न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कम करना होगा.

उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इस विधेयक पर भारत के मुख्य न्यायाधीश की राय क्यों नहीं ली.

कालेजियम ख़त्म

इसी बीच संसद ने इस विधेयक को पारित कर दिया है.

बुधवार को लोकसभा ने इस संविधान संशोधन विधेयक को पारित किया. गुरुवार को राज्यसभा में भी यह विधेयक पारित हो गया.

शीर्ष जजों की नियुक्ति के लिए बनी कोलेजियम प्रणाली अब ख़त्म हो जाएगी.

अब राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बन सकेगा जो सुप्रीम कोर्ट और 24 हाई कोर्ट में जजों की नियुक्तियाँ और तबादले करेगा.

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