सहारनपुर दंगा: 'भाजपा नेता ने जलवाई दुकानें'

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर दंगे की जांच के लिए बनी उत्तर प्रदेश सरकार की कमेटी ने भाजपा सांसद राघव लखनपाल, पूर्व सभासद मुहर्रम अली उर्फ़ पप्पू और स्थानीय प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराया है.

हालांकि सांसद राघव लखनपाल ने रिपोर्ट ख़ारिज की है.

पांच सदस्यीय जांच कमेटी के अध्यक्ष यूपी के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव थे. कमेटी ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जांच रिपोर्ट सौंपी.

लखनऊ में मौजूद स्थानीय पत्रकार अतुल चंद्रा के मुताबिक़ शिवपाल सिंह यादव ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मुहर्रम अली ने ज़मीन के झगड़े को सांप्रदायिक शक्ल दी और भाजपा सांसद लखनपाल ने दंगा भड़काया.

शिवपाल सिंह यादव ने बताया, "11 बजे के बाद वहां के सांसद ने घूम-घूमकर दुकानें जलवाईं थी."

25 जुलाई को हुए दंगों में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 60 लोग घायल हो गए थे.

राघव लखनपाल ने बीबीसी से बातचीत में आरोपों को नकारते हुए कहा, ''जिन्होंने दंगा करवाया है वही रिपोर्ट बना रहे हैं. अब सहारनपुर विधानसभा का 13 सितंबर को उपचुनाव है. समाजवादी पार्टी को दिख रहा है कि उनकी ज़मानत ज़ब्त होने वाली है. इसलिए वह प्रयास कर रहे हैं कि किसी तरह एक वर्ग के वोट को लुभा सकें.''

मुहर्रम अली का पक्ष अभी नहीं मिल सका है. सहारनपुर दंगे की अभी प्रशासनिक जांच जारी है.

'रिपोर्ट मंज़ूर नहीं'

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पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया है.

उन्होंने कहा, ''प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आने के बाद से ही सांप्रदायिक तनाव बढ़ने लगा था और जबसे केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है तनाव और फैल रहा है.''

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा, ''मेरठ, मुरादाबाद, सहारानपुर में विश्व हिंदू परिषद और भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं. प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे अपने कार्यकर्ताओं को कड़ाई के साथ संदेश दें.''

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ माह में मुरादाबाद, मेरठ और दूसरी जगहों पर सांप्रदायिक झगड़े हुए हैं.

राज्य में अगले महीने एक लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं.

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