केरल में शराब बंदी कामयाब होगी?

  • 22 अगस्त 2014
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दक्षिण भारतीय राज्य केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट सरकार चरणबद्ध ढंग से शराबबंदी की योजना बना रही है. एक सर्वे के मुताबिक़ केरल में बच्चे साढ़े 13 साल की उम्र में ही शराब पीना शुरू कर देते हैं, जबकि देश के दूसरे हिस्सों में यह उम्र औसतन चार साल अधिक है.

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एर्नाकुलम के मनोचिकित्सा विभाग के 73 स्कूलों में हुए अध्ययन से पता चला है कि 15 फ़ीसदी बच्चे इस उम्र में पहली बार शराब पीते हैं.

मनोचिकित्सा विभाग के असोसिएट प्रोफ़ेसर डॉक्टर टीएस जैसूरिया ने बीबीसी को बताया, ''इन 15 फ़ीसदी में से 20-22 फ़ीसदी ख़तरनाक शराब सेवन में शामिल हैं. यह इस क़दर संस्कृति का हिस्सा बन गया है कि इनमें से 70 फ़ीसदी की शुरुआत किसी पारिवारिक समारोह या त्यौहार की पार्टियों में होती है.’’

केरल में प्रति व्यक्ति शराब की खपत देश भर में सबसे ज़्यादा दर्ज की गई है. इसने महाराष्ट्र और पंजाब जैसे दूसरे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनका इस मामले में अब तक रिकॉर्ड था.

राजनीति

यूडीएफ़ के फ़ैसले पर अभी राज्य कैबिनेट की मुहर लगनी बाक़ी है. इसके लागू होने के बाद अप्रैल 2015 में 318 रेस्तरां बार के लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं होगा. यही नहीं, हर साल राज्य नियंत्रित रीटेल आउटलेट के लाइसेंसों में 10 फ़ीसदी की कमी की जाएगी और शराब सिर्फ़ फ़ाइव स्टार होटलों में ही बिकेगी. 10 साल बाद राज्य में इसका पूरी तरह निषेध कर दिया जाएगा.

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मगर यूडीएफ़ के विरोधी लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट ने इसे ‘राजनीतिक’ क़रार दिया है. कोच्चि में मौजूद सेंटर फ़ॉर सोश्यो इकोनॉमिक एंड एनवायर्नमेंटल स्टडीज़ के चेयरमैन के के जॉर्ज ने इसे ‘कांग्रेस में चल रही अंदरूनी उठापटक का स्वाभाविक नतीजा’ बताया.

केरल के मुख्यमंत्री ओमेन चैंडी ने कहा, ''राजस्व बिल्कुल समस्या नहीं है. केरल जैसे राज्य के लिए 9000 करोड़ रुपए एक बड़ी राशि है. मगर यह सिर्फ़ काग़ज़ों में है. हम इससे ज़्यादा पैसे का नुक़सान स्वास्थ्य सेवाओं, हादसों और आपराधिक मामलों में उठा रहे हैं. सामाजिक प्रभाव इससे भी ज़्यादा है.''

लाइसेंस

चैंडी पर गठबंधन के मज़बूत धड़ों के अलावा चर्च और मुस्लिम संगठनों ने भी दबाव बना रखा है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष वीएम सुधीरन ने चर्च प्रतिनिधियों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और कुछ दूसरे गठबंधन के साथियों के साथ इस साल अप्रैल से ही 418 रेस्तरां बार के लाइसेंसों का नवीनीकरण रोकने के आंदोलन की अगुआई की थी.

सुधीरन बताते हैं, ''जब से ये 418 लाइसेंस वापस लिए गए, हम इसका असर देख सकते हैं. अपराध दर कम हुई, घरेलू हिंसा घटी और हादसों की दर गिरी है. सवाल राजनीतिक इच्छाशक्ति का है कि वह हममें है या नहीं.’’

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उनका कहना है, ''चिंताजनक यह है कि कई नौजवान इसकी चपेट में आ रहे हैं. शराब की खपत कम करने के लिए ही यूडीएफ़ इस फ़ैसले तक पहुंची है.’’

हाईकोर्ट

418 रेस्तरां बार के लाइसेंसों के नवीनीकरण से यूडीएफ़ सरकार के इनकार के बाद मामला राज्य के हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है. हाईकोर्ट ने 26 अगस्त से पहले राज्य सरकार से उसकी शराब नीति मांगी है. कैबिनेट को अभी यूडीएफ़ के प्रस्ताव पर फ़ैसला लेना है.

एलडीएफ़ के एक पूर्व मंत्री एमए बेबी ने यूडीएफ़ के फ़ैसले को ‘राजनीतिक’ बताया.

वह कहते हैं, ‘‘मैं शराब सेवन के ख़िलाफ़ हूँ. कई ग़रीब और मध्यमवर्गीय परिवार बीमारियों से जूझ रहे हैं. मगर पाबंदी अव्यावहारिक और नाकाम रही है. इससे केवल अवैध शराब की खपत बढ़ेगी. हमने पहले बंगलौर में बड़े पैमाने पर ऐसी दुर्घटनाएं देखी हैं.’’

बेबी बंगलौर में जुलाई 1981 में अवैध शराब के कारण हुए हादसे का ज़िक्र कर रहे थे, जब उसे पीकर 382 लोगों की मौत हो गई थी. तब सरकार ने व्हिस्की, रम, ब्रैंडी और बीयर के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर दी थी.

विकल्प

जॉर्ज कहते हैं, ''यह फ़ैसला उन लोगों की शराब तक पहुंच पर रोक लगाएगा, जो उसे खरीदने के लिए लाइन में नहीं खड़े हो सकते. मगर कोई नहीं जानता कि सरकार के पास अवैध शराब निर्माण और तस्करी रोकने की क्षमता है या नहीं. यह यक़ीनन बहुत सोचा-समझा फ़ैसला नहीं है.’’

ऐसे में, शराबखोरी की ऊंची दर रोकने का विकल्प क्या है?

जॉर्ज बंगलौर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज़ यानी निम्हांस के अध्ययन से सहमत हैं कि अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर कर लगाने से लोगों की ज़्यादा पीने की आदत छुड़ाने में मदद मिलेगी.

जॉर्ज कहते हैं, ''कोशिश शराब की खपत कम करने और कम स्पिरिट वाले पेय जैसे बीयर और वाइन पर कर कम करने की होनी चाहिए.’’

बेबी और जॉर्ज दोनों ही सहमत हैं कि दूसरे राज्यों जैसे गुजरात, मणिपुर, मिज़ोरम और नगालैंड में शराब पर रोक कामयाब नहीं रही है.

केरल ने वैसे घरेलू ताड़ी पर रोक न लगाने का फ़ैसला किया है क्योंकि पिछड़े समुदायों में से एक इलावास इसके निर्माण में शामिल है.

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