छत्तीसगढ़: एनटीपीसी राख का बांध ढहा

छत्तीसगढ़ के सीपत में एनटीपीसी के पावर प्लांट के राख का डैम टूटने से किसानों के सैकड़ों एकड़ खेत डूब गए हैं.

इन खेतों में धान की फसल लगी थी.

इसके अलावा राख वाला पानी कई लोगों के घर में भी घुस गया है.

इससे नाराज़ सीपत इलाके के किसान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

2980 मेगावॉट की क्षमता वाले इस पावर प्लांट से हर साल 60 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा राख उत्सर्जित होती है.

नियमानुसार इस राख का इस्तेमाल ईंट बनाने जैसे काम में अनिवार्य रूप से होना चाहिए, लेकिन लाखों मीट्रिक टन राख कई एकड़ में फैले बांध में भरती रहती है.

'जानबूझकर तोड़ा बांध'

गांव वालों का आरोप है कि क्षमता से अधिक होने पर राख के डैम को जान बूझकर तोड़ दिया गया.

हालांकि लगातार कोशिशों के बाद भी एनटीपीसी प्रबंधन का पक्ष हमें नहीं मिल पाया.

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार देश में हर साल 17.5 करोड़ टन राख उत्सर्जित होती है, जिसमें अकेले छत्तीसगढ़ में 2.4 करोड़ टन राख निकलती है.

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