भारत-पाक वार्ता के लिए कश्मीर में प्रस्ताव

  • 29 अगस्त 2014
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर भारत और पाकिस्तान से वार्ता शुरू करने का आह्वान किया गया है.

पिछले हफ़्ते पाकिस्तान के उच्चायुक्त के बातचीत से पहले कश्मीरी अलगावादियों से मुलाक़ात करने के कारण भारत ने सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी.

प्रस्ताव में दोनों देशों से सीमा पर गोलीबारी बंद करने और निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाने की अपील भी की.

पिछले कुछ हफ़्तों से सीमा पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच गोलीबारी की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.

बुधवार को दोनों देशों के शीर्ष कमांडरों ने फ़्लैग मीटिंग भी की लेकिन गुरुवार को अख़नूर और सियालकोट सेक्टरों में फिर गोलीबारी की घटनाएं हुईं.

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भारतीय सीमा सुरक्षा बल के मुताबिक पिछले पैंतालीस दिनों में 1971 के बाद से पाकिस्तान की ओर से सबसे ज़्यादा फ़ायरिंग हुई है.

प्रस्ताव पास किए जाने से पहले विधानसभा के 87 सदस्यीय उच्च सदन में भारत-पाकिस्तान वार्ता के मुद्दे पर हंगामा भी हुआ.

नेशनल कांफ़्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया जबकि हिंदू बहुल इलाक़ों से आने वाले सदस्यों ने पाकिस्तानी 'आक्रामकता' के सीमा के नज़दीक रहने वाले पर पड़ने वाले प्रभाव पर बहस पर ज़ोर दिया.

भारत और पाकिस्तान वार्ता का समर्थन करने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक कहते हैं, "जब मोदी कहते हैं कि वे पाकिस्तान से बात करना नहीं चाहते तब उनका मतलब होता है कि वह युद्ध चाहते हैं. यदि पाकिस्तान से निबटने का रास्ता सिर्फ़ युद्ध है तो उन्होंने अपने शपथ ग्रहण में नवाज़ शरीफ़ को क्यों बुलाया था?"

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