गाय किसकी, डीएनए टेस्ट से फ़ैसला

  • 29 अगस्त 2014

केरल में एक महिला डीएनए जांच के आधार पर एक गाय के मालिकाने हक़ को लेकर जारी मुक़दमा जीतने वाली हैं.

महिला के वकील के मुताबिक़ शशिलेखा पर उनकी पड़ोसी गीता ने गाय चुराने का आरोप लगाया था.

इस मामले में गाय को अदालत में पेश भी होना पड़ा. अदालत ने गाय को अपने पास रखने के लिए शशिकला से 45 हज़ार रुपए की ज़मानत ली.

मानहानि का मामला

इन दो महिलाओं के बीच गाय को लेकर क़ानूनी लड़ाई पिछले साल शुरू हुई. गीता ने दावा किया कि उनकी 15 गायों में से एक कार्तिका ही उस गाय की माँ है, जो शशिलेखा के पास है.

विवाद सुलझता न देख अदालत ने गाय का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया. जब रिपोर्ट आई तो दोनों का डीएनए नहीं मिला. इसका मतलब है कि गाय शशिलेखा के पास ही रहेगी.

शशिलेखा के वकील एन चंद्रा बाबू ने कहा कि गाय के डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट इसी महीने के शुरू में आई है. अब अदालत अपना अंतिम फ़ैसला सुनाते हुए शशिलेखा को अपनी गाय अपने पास ही रखने का आदेश देगी.

उन्होंने कहा कि वो मुआवज़ा और अपने मुवक्किल को हुई मानसिक परेशानी के लिए मानहानी का मामला दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं.

डीएनए जांच के ज़रिए किसी पशु का मालिकाना हक़ तय करने का भारत में शायद यह पहला मामला है.

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