कार्यक्रम डिजिटल इंडिया का हिस्सा: मोदी

  • 5 सितंबर 2014
मोदी का भाषण इमेज कॉपीरइट Getty

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को छात्रों से बातचीत में 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम और बिजली बचाने पर भी ज़ोर दिया.

एक छात्र के सवाल पर मोदी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर बच्चों से बातचीत का उनका ये कार्यक्रम इस बात का परीक्षण भी है कि देश में कितने स्कूल तकनीक से जुड़े हुए हैं.

मोदी ने कहा, "मैं तकनीक को सभी भाषाओं में देश के छात्रों तक पहुँचाना चाहता हूँ."

उन्होंने कहा, "मैं आज के कार्यक्रम में मैपिंग भी कर रहा हूँ. मैं देखना चाहता हूँ कि सचमुच में भारत में कितने स्कूल ऐसे हैं जहाँ मेरा ईमेल पहुँचता हैं. जहाँ के बालकों तक मैं तकनीक के जरिए पहुँच सकता हूँ. ये कार्यक्रम मेरे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए एक परीक्षण भी है."

मोदी ने भारत में डिजिटल तकनीक के प्रसार को चुनौती मानते हुए कहा कि वो मुश्किल काम ही हाथ में लेते हैं.

मोदी ने शिक्षकों से तकनीकी शिक्षा के प्रसार पर भी ज़ोर देने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि बच्चों को तकनीक से वंचित रखना सामाजिक अपराध है.

बिजली बचाना सस्ता

एक बच्चे के सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा, "बिजली का उत्पादन बहुत महंगा है लेकिन बिजली बचाना बहुत सस्ता है. आजकल ऊर्जा बचाने की तकनीक मौजूद है. अब नए प्रकार की ट्यूब हैं जो ऊर्जा बचाती हैं. सिर्फ़ बिजली ही नहीं पानी भी बचाना चाहिए."

मोदी ने कहा कि आदतों में बदलाव करके बिजली और पानी बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि लोगों को नल बंद करके ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए.

मोदी ने बिजली बचाने के लिए पूरे चांद की रात को स्ट्रीट लाइट बंद रखने का प्रयोग करने की बात भी कही.

मोदी ने कहा, "संपुर्ण चांद के दिन स्ट्रीट लाइट बंद रखें, घरों से निकले. चांदनी रात का आनंद लें. प्राकृति के साथ जीना सीखे. इससे बिजली भी बचेगी और प्राकृति के क़रीब भी आएंगे."

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