कश्मीर में 20 हज़ार लोगों को बचाया गया: सेना

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भारतीय सेना का कहना है कि बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर में बचाव अभियान तेज़ी से चल रहा है और अब तक लगभग 20,000 लोगों को बचाया गया है.

इस प्राकृति आपदा में अब तक लगभग 150 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों बाढ़ में फंसे हैं.

उत्तरी कमांड के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने उधमपुर में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सेना और राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ़) राहत का काम तेज़ी से चला रहे हैं.

हुड्डा ने कहा कि बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर है और कश्मीर घाटी का सड़क संपर्क अब भी कटा हुआ है.

कई इलाक़ों में बाढ़ प्रभावितों में काफ़ी रोष है.

श्रीनगर से संपर्क 4-5 दिन में

हुड्डा ने कहा कि श्रीनगर से संपर्क जोड़ने में अभी 4-5 दिनों का समय लग सकता है और सेना नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर बिजली और पानी व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों में जुटी है.

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लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा, "बाढ़ का पानी झेलम नदी में डालने के लिए सिर्फ़ एक आउटलेट है. इसलिए पानी निकालने में कुछ समय लगेगा."

उन्होंने कहा कि बचाव दल की प्राथमिकता सबसे पहले ऐसे लोगों को निकालना है जो बाढ़ के कारण अपने घरों में फंसे हैं.

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उन्होंने बताया कि जम्मू क्षेत्र बाढ़ से अधिक प्रभावित हुआ है, लेकिन वहां हालात तेज़ी से सामान्य हो रहे हैं.

उन्होंने बताया कि पीड़ितों के उपचार के लिए पूरे राज्य में 60 से अधिक चिकित्सा दल लगाए गए हैं.

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