अमेठी: राजपरिवार में कलह के कारण हिंसा

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कांग्रेस के राज्य सभा सांसद संजय सिंह, उनकी पहली पत्नी गरिमा और लड़के अनंत के बीच संपत्ति विवाद को लेकर रविवार को अमेठी में जो हिंसा हुई उसके बाद वहाँ स्थिति सामान्य है.

लेकिन अनंत सिंह को आशंका है कि ज़िला प्रशासन उनको फंसाने की योजना बना रहा है.

अनंत के अनुसार "प्रशासन और पुलिस दोनों ही हमारे पिताजी की निजी सेना की तरह काम कर रहे हैं."

रविवार को हुई हिंसा में पुलिस सिपाही विजय मिश्रा की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी.

लेकिन अमेठी के ज़िलाधिकारी जगतराज ने अनंत के आरोपों को ख़ारिज कर दिया है.

बीबीसी से बातचीत में उनका कहना था, "अनंत का यह कहना ग़लत है कि हम पक्षपात कर रहे हैं. क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारा काम है और हम वही कर रहे हैं.''

ज़िलाधिकारी ने कहा, "कल अनंत ने ही लोगों को भड़काया और भीड़ को उत्तेजित किया था."

अनंत ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें उनके दो कमरों में नज़रबंद कर रखा है.

विवाद की जड़

उनका कहना था, "हमें कहीं आने-जाने की छूट नहीं है जबकि संजय, अमिता और उनके जानने वाले महल में आने-जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं."

इन सबके बीच संजय सिंह ने कहा कि उनके 75 कमरों वाले भूपति भवन के आस-पास स्थिति सामान्य है और बाक़ी बातें वो पत्रकार वार्ता में करेंगे.

बैडमिंटन खिलाड़ी सैयद मोदी की पत्नी रहीं अमिता अब संजय सिंह की पत्नी हैं. उनके साथ रविवार को संजय लखनऊ से अमेठी के लिए निकले थे. इसकी सूचना मिलते ही कथित तौर पर अनंत और उनकी माँ गरिमा से सहानभूति रखने वाले गाँव वालों ने महल को घेर लिया, जिससे संजय और अमिता अंदर न जा सकें.

पुलिस के लाठी चलाने पर पथराव शुरू हो गया और भीड़ में किसी ने गोली चला दी जिसमें सिपाही विजय मिश्रा की मौत हो गई.

गरिमा सिंह का कहना है कि क़ानूनी तौर पर वह अब भी संजय सिंह की पत्नी हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनके और संजय सिंह के बीच हुए तलाक़ को 1998 में ख़ारिज कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सीतापुर की एक अदालत के उस फ़ैसले के विरुद्ध था, जिसमें संजय सिंह की याचिका पर गरिमा सिंह की अनुपस्थिति में एक-पक्षीय तलाक़ दे दिया गया था.

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