भाजपा को यूपी, राजस्थान में करारे झटके

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लोकसभा की तीन और विधानसभा की 33 सीटों पर 13 सितंबर को हुए उपचुनाव के नतीजे भाजपा के लिए करारा झटका साबित हुए हैं. एक विधानसभा

लोकसभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में मात्र चार महीने पहले छाई हुई पार्टी अपनी जीती हुई 24 में से 13 सीटें हार गई है.

नौ राज्यों में जिन 32 विधानसभा सीटों के नतीजे मंगलवार को आए हैं उनमें से भाजपा ने 12, कांग्रेस ने 7 और समाजवादी पार्टी ने 8 सीटे जीती हैं.

त्रिणमूल कांग्रेस, टीडीपी, एआईयूडीएफ़ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) को एक एक सीट मिली है. सिक्किम में एक सीट निर्दलीय ने जीती है.

उपचुनाव - किस राज्य में क्या हुआ

बड़ा झटका उत्तर प्रदेश में

लोकसभा चुनाव में उत्‍तर प्रदेश में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.

वहाँ जिन 11 सीटों पर उपचुनाव हुए थे उनमें भाजपा को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई है जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में आठ सीटें गई हैं.

भाजपा ने नोएडा, लखनऊ और सहारनपुर सीट पर जीत हासिल की है. इसमें लखनऊ सीट से पूर्व सासंद लालजी टंडन के बेटे भाजपा के गोपाल टंडन जीते हैं.

सपा ने प्रधानमंत्री मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के तहत पड़ने वाली लोहनिया विधानसभा सीट जीत ली है जबकि उसके खाते में चरखारी भी गई है जहां से केंद्रीय मंत्री उमा भारती जीता करती थीं.

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव सपा सुप्रीमो के पोते तेज प्रताप यादव ने जीत लिया है.

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लखनऊ में स्थानीय पत्रकार अतुल चंद्र के मुताबिक़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने इस करारी हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यदि उत्तर प्रदेश की जनता को समाजवादी पार्टी की खराब क़ानून व्यवस्था और अराजकता पसंद है तो जनता का आदेश सर-माथे पर. इन परिणामों की हम समीक्षा करेंगे."

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इसे "मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की विकास और धर्म निरपेक्ष नीतियों की जीत" बताते हुए कहा कि "जनता ने चार महीने में ही नरेंद्र मोदी और भाजपा को नकार दिया है."

राजस्थान में भी झटका

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उधर राजस्‍थान में भी भाजपा का प्रदर्शन काफी खराब रहा है. वहां कांग्रेस ने चार में से तीन सीटें भाजपा से छीन ली हैं. भाजपा को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा.

जयपुर में स्थानीय पत्रकार आभा शर्मा के मुताबिक़ सिर्फ कोटा (दक्षिण) सीट पर भाजपा के संदीप शर्मा ने 25,707 वोटों से शानदार जीत दर्ज कर पाए. अन्य तीन—सूरजगढ़, नसीराबाद और वैर सुरक्षित सीट कांग्रेस ने अपने पाले में झटक लीं.

पिछले दिसंबर के विधानसभा चुनाव में 200 में से 163 सीटों और मई में हुए लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर अप्रत्याशित जीत हासिल करने वाली भाजपा के लिए नतीजे बहुत निराशाजनक रहे हैं.

सूरजगढ़ सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट थी. यहाँ से वसुंधरा राजे की पूर्ववर्ती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे डॉ दिगंबर सिंह ने चुनाव लड़ा था परन्तु कांग्रेस के श्रवण कुमार ने 3,270 मतों के अंतर से उन्हें शिकस्त दी.

गुजरात और अन्य राज्य

गुजरात से स्थानीय पत्रकार अंकुर जैन के मुताबिक राज्य की नौ सीटों में से छह सीटें भाजपा को और तीन सीटें कांग्रेस को मिली हैं. कांग्रेस को जिन सीटों पर जीत मिली है वो पहले भाजपा के पास थीं.

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने एक-एक सीट जीती है. बंगाल में भाजपा को मिली सफलता ज़रूर उसकी उपलब्धी मानी जाएगी.

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आंध्र में टीडीपी ने एक, असम में एआईयूडीएफ़, कांग्रेस और भाजपा ने एक एक और त्रिपुरा में सीपीएम ने एक सीट जीती है.

विधानसभा उपचुनाव के रुझान/परिणाम

उत्तर प्रदेश (11)- सपा-08, भाजपा-03

गुजरात (09)- भाजपा-06, कांग्रेस-03

राजस्थान (04)- कांग्रेस-03, भाजपा-01

पश्चिम बंगाल (02)- तृणमूल कांग्रेस-01, भाजपा-01

असम (03)- एआईयूडीएफ़-01, भाजपा-01, कांग्रेस-01

सिक्किम (01)- अन्य-01

आंध्र प्रदेश (01)- टीडीपी-01

त्रिपुरा (01)- सीपीएम-01

लोकसभा उप चुनाव के रुझान/परिणाम

वडोदरा (गुजरात)- भाजपा

मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)- समाजवादी पार्टी

मेडक (तेलंगाना)- टीआरएस

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